सरकारी योजनाओं को अफसर और कर्मचारी किस तरह पलीता लगा रहे हैं, इसका खुलासा सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव मोहम्मद कलां में हुआ है। यहां कब्रिस्तान की भूमि में लोहिया आवास बनवा दिया गया।
इस कारनामे की जब शिकायत मिली तो ग्राम विकास अधिकारी दोषी पाया गया, जिसके चलते उसे निलंबित कर दिया। ग्राम प्रधान और लेखपाल पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
वर्ष 2015-16 में राम मनोहर लोहिया आवास योजना के तहत गरीब परिवारों के आवास बनाए गए थे। इसके लिए शासन की ओर से प्रत्येक आवास के लिए 2.75 लाख की राशि आवंटित की गई थी।
सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर कलां के ग्रामीणों ने कई माह पहले डीएम को शिकायत की थी कि गांव में एक पात्र का लोहिया आवास कब्रिस्तान की भूमि में बनवा दिया है। डीएम ने जांच के आदेश दिए। ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग के परियोजना निदेशक सर्वेश चंद के नेतृत्व में जांच हुई तो शिकायत सही पाई गई। मामले में ग्राम विकास अधिकारी दोषी पाए गए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला विकास अधिकारी आशुतोष दूबे ने ग्राम विकास अधिकारी तेजबीर को निलंबित कर दिया। साथ ही डीपीआरओ को ग्राम प्रधान और लेखपाल पर कार्रवाई के लिए पत्र जारी करने के आदेश दिए।
इस पर डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान और लेखपाल पर कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र लिख कर आदेश जारी करने की मांग की है। अफसरों का कहना है कि इस मामले में आवास बनाने में खर्च हुए सरकारी धन की वसूली भी की जाएगी।
गांव मोहम्मदपुर कलां में नियमों के विरुद्ध पात्र का आवास कब्रिस्तान में बनाने की शिकायत सही पाई गई। मामले में ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया है। साथ ही ग्राम प्रधान और लेखपाल पर भी कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।