कांग्रेस के मोदी सरकार पर प्रचार के लिए संसद द्वारा विभिन्न मंत्रालयों को आवंटित 40 प्रतिशत धनराशि हड़पने का आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा ने गुरुवार को पलटवार किया है। कांग्रेस को जवाब देते हुए अमित मालवीय ने कहा कि यह स्वाभाविक है कि जहां राहुल गांधी हों, वहां तर्क और सामान्य ज्ञान नष्ट हो जाता है।
इससे पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने गुरुवार को कहा कि वित्त मंत्रालय ने 19 मई को आदेश दिया था कि विभिन्न विभागों या मंत्रालयों में विज्ञापन और प्रचार के लिए संसद द्वारा पारित फंड का 40 प्रतिशत हिस्सा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC) के निपटान के लिए रखा जाना चाहिए। रमेश ने ट्वीट करते हुए आरोप लगाया कि ऐसा करके सरकार ने संसद द्वारा पारित बजट की पवित्रता को खत्म कर दिया है।
अमित मालवीय ने दिया जवाब
रमेश के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक ट्वीट में कहा, 'यहां आज आपको ज्ञान दिया जा रहा है... एडवांस लेटर ऑफ ऑथराइजेशन का अनुरोध करना भारत सरकार के लिए नया नहीं है। यह यूपीए के दौरान भी किया गया था।'
एक मंत्रालय से दूसरे मंत्रालय को बजट
मालवीय ने कहा कि केंद्र सरकार में एक मंत्रालय अपने बजट से दूसरे मंत्रालय को धन आवंटित कर सकता है। यह सामान्य है। उन्होंने आगे कहा कि सीबीसी केंद्र सरकार और उसकी संस्थाओं को 360 डिग्री संचार समाधान प्रदान करता है।
सरकार के लिए सलाहकार सीबीसी
मालवीय ने कहा, 'सीबीसी मीडिया रणनीति पर सरकार के लिए एक सलाहकार के रूप में कार्य करता है और इसका उद्देश्य सरकार को लोगों के सशक्तिकरण के सूत्रधार के रूप में ब्रांड करना है।' उन्होंने कहा कि सीबीसी सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों के बारे में जानकारी प्रसारित करने के लिए प्रिंट, ऑडियो-विजुअल, आउटडोर, डिजिटल आदि का इस्तेमाल करती है।
ट्वीट के साथ शेयर किया ज्ञापन
अपने ट्वीट के साथ भाजपा नेता ने वित्त मंत्रालय के 19 मई के कार्यालय ज्ञापन को भी पोस्ट किया, जिसमें उस हिस्से पर प्रकाश डाला गया है जहां मंत्रालय ने संबंधित मंत्रालयों/विभागों को 40 प्रतिशत रखते हुए नियमों के अनुसार लेनदेन का नियमित मिलान करने के लिए कहा है।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
मालवीय ने आगे कहा कि सामान्य ज्ञान वाले किसी भी व्यक्ति को कार्यालय ज्ञापन के पैरा 4 को पढ़ने के बाद यह पता चल जाएगा कि ऐसा क्यों किया गया है। उन्होंने कहा, ' मुझे लगता है कि कांग्रेस की कमान राहुल गांधी के हाथ में आने से यह स्वाभाविक है कि पार्टी से तर्क और सामान्य ज्ञान खत्म हो जाएगा।'