भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 जून को अमेरिका दौरे पर रहेंगे। इस दौरे से पहले सबसे महत्वपूर्ण समझौते में लॉकहीड मार्टिन और टाटा के बीच समझौता होगा, जिसके तहत भारत में ही दुनिया के सबसे सफल लड़ाकू विमानों में से एक एफ-16 फाइटर जेट विमानों का उत्पादन किया जाएगा।
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एफ-16 फाइटर जेट भारत में 'मेक इन इंडिया' मुहिम के तहत बनाए जाएंगे, जिसमें लॉकहीड मार्टिन और टाटा की हिस्सेदारी होगी। ये समझौता 25 जून को होने की उम्मीद है।
Before Prime Minister Narendra Modi's visit to US on June 25, Lockheed Martin ties up with TATA to produce F16 fighter planes in India. pic.twitter.com/hHdqG207rM
— ANI (@ANI_news) June 19, 2017
सूत्रों के मुताबिक टाटा और लॉकहीड मार्टिन में इस बाबत पेरिस एयर शो के दौरान समझौता हुआ था।
Sources says that the deal has been signed in Paris, on the sidelines of the Paris Air Show.
— ANI (@ANI_news) June 19, 2017
एफ-16 लड़ाकू विमानों को इंडियन एयरफोर्स में शामिल किया जाएगा या नहीं, ये बाद में तय होगा। क्योंकि एफ-16 का इस्तेमाल भारत का चिर-प्रतिद्वंदी पाकिस्तान भी करता है। हालांकि एफ-16 विमान दुनिया चौथी पीढ़ी के विमानों में सर्वश्रेष्ठ माने गए हैं। एफ-16 मैक 1.2 की गति से उड़ता है और दुनिया के तमाम युद्धक्षेत्रों में अपनी उपयोगिता शामिल कर चुका है।
गौरतलब है कि अमेरिकी एफ-16 लड़ाकू विमानों को दुनिया के सबसे विध्वंशक लड़ाकू विमानों में से गिना जाता है। खाड़ी युद्ध के समय एफ-16 विमानों की मौजूदगी से डरे इराकी एयरफोर्स के विमानों में आसमान में उड़ान ही भरने से मना कर दिया था। इसके बाद अमेरिकी विमानों ने इराकी रक्षा पंक्ति को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया था। यही नहीं, लीबिया में सीमित हमलों, अफगानिस्तान युद्ध के समय भी एफ-16 अपना जौहर यूएस आर्मी के लिए दिखा चुके हैं, तो इजरायली एयरफोर्स ने तमाम युद्धों में दुश्मन देशों के दांत खट्टे करने के लिए एफ-16 का उपयोग किया था।