कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के लिए भारत के दूर-दराज इलाकों में दवाओं और अन्य जरूरी सामग्रियों की आपूर्ति के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा शुरू की गई लाइफलाइन उड़ान के तहत कार्गो विमानों के जरिए एक दिन में 108 टन सामान पहुंचाया गया। इनमें से 128 उड़ानें एयर इंडिया और एलायंस एयर द्वारा संचालित की गई।
कार्गो उड़ानों ने अबतक 373.23 सामान की ढुलाई की है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय में संयुक्त सचिव ऊषा पढी ने कहा कि अब तक लाइफलाइन उड़ानों ने 1,99,784 किलोमीटर की यात्रा तय की है। 11 अप्रैल को 108 टन सामान की सप्लाई की गई। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और विमानन उद्योग कोविड-19 के खिलाफ युद्ध में देश का साथ देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए वह कुशल और लागत प्रभावी तरीके से भारत और विदेशों में चिकित्सा सामनों को पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।
उत्तर पूर्व क्षेत्र, द्वीप क्षेत्रों और पहाड़ी राज्यों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। एयर इंडिया और भारतीय वायुसेना ने मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पूर्वोत्तर और अन्य द्वीप क्षेत्रों में सहयोग किया है। कार्गो विमान के जरिए हल्के वजन वाले और कम जगह घेरने वाले उत्पाद जैसे मास्क, ग्लव्स (दस्ताने) और अन्य उपभोग वाली वस्तुओं की सप्लाई की जाती है।
यात्रियों के बैठने की जगह और ओवरहेड केबिनों में उचित सावधानी बरतते हुए सामान को स्टोर करने के लिए विशेष अनुमति ली जाती है। लाइफलाइन उडान की उड़ानों से संबंधित सार्वजनिक जानकारी को पोर्टल: https: //esahaj.gov.inlifeline_udan/public_info पर प्रतिदिन अपडेट किया जाता है। इसे तीन दिनों के रिकॉर्ड समय में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने विकसित किया था ताकि विभिन्न हितधारकों के बीच सहज समन्वय स्थापित किया जा सके।
घरेलू कार्गो ऑपरेटर स्पाइस जेट, ब्लू डार्ट और इंडिगो वाणिज्यिक आधार पर कार्गो उड़ानें संचालित कर रहे हैं। स्पाइस जेट ने 4,01,290 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 286 कार्गो उड़ानें संचालित कीं और 2334.51 टन कार्गो सामान लेकर गए। जिसमें से 87 अंतरराष्ट्रीय कार्गो उड़ानों थी।
ब्लू डार्ट ने 92,075 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 94 घरेलू कार्गो उड़ानों का संचालन किया और 1479 टन कार्गो सामान की ढुलाई की। इंडिगो ने 21,906 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 25 कार्गो उड़ानों का संचालन किया और लगभग 21.77 टन कार्गो सामान की ढुलाई की। इसमें सरकार के लिए मुफ्त में दी जाने वाली चिकित्सा आपूर्ति भी शामिल है।