ओडिशा सरकार को मानवाधिकार आयोग ने किया शोकॉज
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ओडिशा के कंधमाल जिले के एक सरकारी आदिवासी आवासीय विद्यालय में 14 साल की नाबालिग लड़की के एक बच्चे को जन्म देने का मामला सामने आया है। इस संबंध में आई खबरों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए ओडिशा सरकार को नोटिस जारी किया है। इस मामले को लेकर ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन और हंगामा हुआ।
विभिन्न जगहों पर लोगों ने प्रदर्शन करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है। मालूम हो कि आयोग ने सरकार से चार हफ्ते में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मानवाधिकार आयोग ने बयान जारी किया है कि बच्ची के जन्म के बाद छात्रा को नवजात के साथ होस्टल से बाहर खदेड़ दिया गया और उसे मजबूरन एक जंगल में शरण लेने पर मजबूर होना पड़ा।
मीडिया में खबर आई थी कि आठवीं कक्षा की 14 वर्षीय छात्रा ने कंधमाल जिले में स्थित सरकारी आवासीय विद्यालय में 12 जनवरी को बच्ची को जन्म दिया था। मानवाधिकार आयोग ने मीडिया में आई इस खबर पर स्वत: संज्ञान लिया।
आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर चार हफ्तों में दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई और नाबालिग लड़की के राहत एवं पुनर्वास संबंधी विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।