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SC: '31 दिसंबर तक नहीं गिराए जाएंगे चांदनी चौक के अवैध निर्माण', सुप्रीम कोर्ट बोला- अदालत आ सकते हैं पीड़ित

Mon, 22 Sep 2025 09:23 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने चांदनी चौक इलाके में अनधिकृत निर्माणों को गिराने पर रोक लगाने वाले हाईकोर्ट और एमसीडी ट्रिब्यूनल के सभी आदेशों को 31 दिसंबर से रद्द करने का फैसला किया है। पीठ ने कहा कि कोई भी पीड़ित पक्ष सुप्रीम कोर्ट जा सकता है।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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दिल्ली के चांदनी चौक में बने अवैध निर्माण 31 दिसंबर तक नहीं गिराए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने चांदनी चौक इलाके में अनधिकृत निर्माणों को गिराने पर रोक लगाने वाले हाईकोर्ट और एमसीडी ट्रिब्यूनल के सभी आदेशों को 31 दिसंबर से रद्द करने का फैसला किया है। 
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जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि कोई भी पीड़ित पक्ष सुप्रीम कोर्ट जा सकता है। पीठ ने कहा, अपीलीय न्यायाधिकरण, दिल्ली नगर निगम और दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से दिए गए सभी स्थगन आदेश 31 दिसंबर से निष्प्रभावी हो जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने एमसीडी अधिकारियों से अनधिकृत निर्माणों को गिराने और हटाने के उसके आदेशों पर कार्रवाई करने को कहा। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर स्थगन आदेश के संबंध में कोई शिकायत है, तो वे 31 दिसंबर से पहले उसके पास आ सकते हैं। 
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दिल्ली पुलिस आयुक्त को अनधिकृत निर्माणों को हटाने के लिए नगर निगम को लॉजिस्टिक सहयोग देने का निर्देश दिया गया है। शीर्ष अदालत को एमसीडी के वकील ने बताया कि न्यायाधिकरण और हाईकोर्ट में बड़ी संख्या में स्थगन आदेश पारित किए गए थे। पीठ ने मामले की सुनवाई दो हफ्ते बाद तय कर दी।

अदालत को जब बताया गया कि अपीलीय न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी का पद काफी समय से खाली है तो पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय को इस पर विचार करने को कहा।

इससे पहले 18 जुलाई को शीर्ष अदालत ने चांदी चौक क्षेत्र में अदालती आदेश के बावजूद अनधिकृत निर्माण पर फटकार लगाई थी। दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया था कि जो लोग वहां एक ईंट भी रख रहे हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाए। वहीं 23 मई को शीर्ष अदालत ने पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया था कि वह चांदनी चौक के इलाकों में एक टीम तैनात करें। ताकि प्रतिबंध के बावजूद अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

यह आदेश तब पारित किया गया जब अदालत को बताया गया कि चांदनी चौक के फतेहपुरी इलाके में व्यावसायिक परिसरों के निर्माण और आवासीय भवनों के विध्वंस पर रोक लगाने के शीर्ष अदालत के आदेश के बावजूद अनधिकृत निर्माण कार्य किया जा रहा है।
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