प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सिर्फ चुनावी राजनीति के लिए काम नहीं करती, बल्कि वह देश निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करना चाहती है कि अंतरराष्ट्रीय जगत में भारत को उसका गौरवपूर्ण स्थान मिले। मोदी ने शनिवार को केरल के दौरे में कहा कि लोगों को आश्चर्य होगा कि संसद में भाजपा का यहां से खाता नहीं खुलने के बावजूद वह इस दक्षिणी राज्य के दौरे पर क्यों आए।
उन्होंने कहा कि मैं केरल के लोगों के प्रति आभार प्रकट करने के लिए यहां आया। हां, हमारी पार्टी को यहां से एक भी सीट नहीं मिली फिर मैं इस राज्य की सेवा करूंगा और यहां के लोगों के साथ अपने संबंध मजबूत करूंगा।
मोदी ने राज्य के दौरे में केरल का परंपरागत पोशाक पहना। उन्होंने कहा कि यह निर्वाचित नेता सभी के लिए एक समान होता है। मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव का अपना स्थान है और 130 करोड़ लोगों का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। जिन लोगों ने हमें जिताया, या जिन्होंने हमें वोट नहीं दिया सब हमारे हैं। केरल मुझे उतना ही प्रिय है जितना वाराणसी।
इस मंदिर की खासियत
प्रधानमंत्री मोदी त्रिशूर जिले में स्थित जिस मंदिर में गए थे वह सदियों पुराना है। यह राज्य में हिंदू पूजा के महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है। भगवान कृष्ण के इस मंदिर को केरल का द्वारका भी कहा जाता है। इस मंदिर में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है।
लोकसभा चुनाव में जीत मिलने के बाद प्रधानमंत्री ने पहली बार केरल के भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। पिल्लई ने कहा था, 'प्रार्थना के बाद वह दिन में भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और वहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। 11.30 बजे वह केरल से चले जाएंगे।'
प्रधानमंत्री मोदी ऐसे समय पर केरल पहुंचे हैं जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी तीन दिन की यात्रा पर अपने निर्वाचन क्षेत्र वायनाड पहुंचे हुए हैं। वह यहां उन्हें सांसद बनाने के लिए लोगों का धन्यवाद करने के लिए पहुंचे हैं। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को 20 में से 19 लोकसभा सीटों पर जीत मिली थी। जबकि भाजपा खाता तक नहीं खोल पाई थी।