पंजाब में 10 साल बाद एक बार फिर से कैप्टन अमरिंदर सिंह का राज वापस आ गया है। आज अमरिंदर सिंह का जन्मदिन भी है और उनको इस हिसाब से बहुत बढ़िया गिफ्ट मिला है। पटियाला राजघराने से ताल्लुक रखने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह आज 75 साल के हो गए हैं।
पीके को साथ में लेना फायदेमंद साबित हुआ
कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को अमरिंदर सिंह ने अपना मैनेजर नियुक्त किया था। इसके अलावा कैप्टन ने सोशल मीडिया और राज्य के हर जिले का दौरा किया था। इससे कैप्टन को अलग पूरे प्रदेश की ग्राउंड रिपोर्ट का सही आकलन मिला था।
इसके अलावा 2012 में हार मिलने के बाद पार्टी से अलग हुए नेताओं को फिर से एक मंच पर लाने के लिए बहुत मेहनत की थी। इसके लिए उन्होने प्रकाश सिंह बादल के भाई मनप्रीत सिंह बादल की पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब को कांग्रेस में विलय करवाया था।
ऐसे बने पटियाला के महाराजा से लोगों के कैप्टन
पटियाला शहरी क्षेत्र से उनका मुकाबला शिरोमणि अकाली दल के प्रत्याशी जनरल जेजे सिंह से थी, जिन्होंने अपनी हार मान ली है। कैप्टन की जीत से उनके परिवार में जश्न का माहौल है। परिवार के सदस्य काफी खुश हैं। मिठाइयां बांटी जा रही हैं। हाल ही में उनके नाती की शादी हुई, ऐसे में नई बहू भी उनके लिए लकी साबित हुई।
कैप्टन अमरिंदर सिंह यहां से जीत गए हैं। वहीं कांग्रेसियों का कहना है कि यह सच्चाई की जीत है। जनरल सिंह कहते हैं कि यह जनता का फैसला है और जनता ने जो किया वह उन्हें मंजूर है। हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी। वैसे भी चुनाव हैं, हार और जीत लगी रहती है।