रेडियो पर प्रसारित कार्यक्रम 'मन की बात' के बाद शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'टाउन हॉल' के माध्यम से जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। केंद्र सरकार के Mygov.in के दो साल पूरा होने पर दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। मोदी ने कहा, 'सवा सौ करोड़ देशवासी और उनके सपने हैं। इसलिए मैं पूरे मन से उनसे जुड़ा रहता हूं। मुझे लगता है कि मेरे पास जितनी उर्जा-शक्ति है उसे खपा दूं। मेरे पास आपसे अलग कुछ नहीं है। मैं एक मिशन मोड में उसे खपा देने के लिए निकला हूं, इसलिए मेरी उर्जा बढ़ती जा रही है। इन्हीं कारणों से मैं थकता नहीं हूं।' आगे पढ़िए मोदी ने और क्या कहा...
उन्होंने कहा, 'गौरक्षा पर जो लोग दुकानें खोलकर बैठे हैं उनपर गुस्सा आता है। गौ भक्त अलग होते हैं और गौ सेवा अलग। कुछ लोग पूरी रात एंटीसोशल एक्टिविटी करते हैं और दिन में गौ रक्षा का चोला पहन लेते हैं। राज्य सरकारों से निवेदन करता हूं कि उनकी जांच करें। ज्यादातर गायें कत्ल के कारण नहीं मरती, बल्कि प्लास्टिक खाने से मरती हैं। मैं गुजरात में था तो कैटल हेल्थ कैंप लगाता था। उसमें ऐसी गायों की बीमार का ऑपरेशन करता था। एक बार एक गाय के पेट में से दो बाल्टी से ज्यादा प्लास्टिक निकाला। ये जो गायों की सेवा करना चाहते हैं, वो गायों को प्लास्टिक खाने से रोक लगा दे तों ये बड़ी सेवा होगी। 70-80 फीसदी लोग फर्जी गौसेवक हैं।
30 साल का तय किया टार्गेट
- दुनिया में मंदी छाई हुई है और खरीददारी की क्षमता कम हो रही है। इसके बाद भी विकास दर 7.6 प्रतिशत है।
- भारत में बनी मारुति कार जापान में इंपोर्ट होती है तो भारत का ग्रोथ होता है।
- अगर हम 30 साल 8 प्रतिशत से ज्यादा ग्रोथ हासिल कर लेते हैं तो हम दुनिया में सबसे बेहतर हो सकते हैं।
हर बात पर पीएम को नहीं ठहराया जा सकता जिम्मेदार
- हर बात पर पीएम को जिम्मेदार ठहराने से दूसरी संस्थाएं जिम्ममेदारी नहीं लेती।
- राज्य सरकारों से कहा है कि लाइसेंस का चक्कर कम करें।
- ये सही है कि ज्यादातर राजनीति में चुनाव जीतने के बाद सरकारों का इस बात पर ध्यान रहता है कि वो अगला चुनाव कैसे जीतेंगी।
- उनकी योजनाओं की प्रॉयारिटी इसी बात पर रहती है कि वो अपना जनाधार कैसे बढ़ाएं। इसके कारण जिस उद्देश्य से कारवां चलता है वो कुछ ही कदमों पर जाकर लुढ़क जाता है।
सुशासन से निकलता है समस्या का हल
-सुशासन हो तो कई समस्याओं का हल निकल जाता है।
- सरकार का खजाना भरा होगा तो विकास का काम ज्यादा होगा।
-आयात की जगह देश में निर्माण करें तो अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
- 'सरकार को 5 साल का ठेकेदार सममझना गलत है।
- किसानों के लिए ई-मंडी की शुरुआत की।
- तय सीमा से जनता की समस्या का निपटारा होना चाहिए।
- सिर्फ वोट देकर सरकार चुनने से विकास नहीं हो सकता।
- स्वच्छ भारत अभियान जनभागिदारी का सबसे बढ़िया उदाहरण।
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जनभागिदारी से विकास संभव
अगर हम सुशासन पर बन हीं देंगे तो विकास नहीं होगा।
- जनभागिदारी वाले लोकतंत्र से ही विकास संभव है।
- जिम्मेदारी के साथ-साथ हर संस्था की जवाबदेही भी जरूरी है।
- अरबों-खरबों रुपए से बनाए गए अस्पताल सुशासन के बिना बेकार हो गए हैं।
- गुड गवर्नेंस के बिना सामान्य व्यक्ति के जीवन में बदलाव नहीं आएगा।
- विकास और गुड गवर्नेंस का संतुलन जरूरी।'
स्मार्ट विलेज जरूरी
- स्मार्ट सिटीज-स्मार्ट विलेज में सामंज्यस बैठाना जरूरी।
- स्मार्ट विलेज में गांव की भावना जीवीत रखना जरूरी। अपनापन मरने नहीं देना चाहिए।
-समार्ट सिटीज अलग तरह की धारणा स्मार्ट विलेज अलग की तरह की धारणा।
- गांवों में शहरों की तरह सुविधाएं मिले इसलिए स्मार्ट विलेज जरूरी।
So much money is spent on advertising about the importance of vaccinations, and even then so many children arent vaccinated: PM
— ANI (@ANI_news) August 6, 2016