महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार को कई राज्यों में छापेमारी की। जिसके बाद माओवादियों से संपर्क रखने के संदेह में करीब 5 वामपंथी विचारकों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई का मानवाधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध किया जा रहा है।
बता दें कि भीमा कोरेगांव मामले पर रोमिला थापर, प्रभात पटनायक, सतीश देशपांडे, माया डार्नल और एक अन्य कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज गौतम नवलाखा की गिरफ्तारी के खिलाफ उच्चतम न्यायालय पहुंचे हैं। इस मामले को आज 3:45 बजे सुनवाई के लिए रखा गया है। इससे पहले पुलिस ने इस मामले में जून, 2018 में गिरफ्तार पांच लोगों में एक के ठिकाने से पीएम नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश से जुड़ा एक पत्र जब्त किया था। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की ही तरह मोदी को भी निशाना बनाने की बात कही गई थी। इस पत्र से ही वरवरा राव का नाम सामने आया था।
लाइव अपडेट्स -
- इस मामले में हुई गिरफ्तारी पर जेडीयू प्रवक्ता पवन वर्मा ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह देखना चाहिए कि कथित माओवादी कार्यकार्ताओं के खिलाफ क्या कोई सबूत है? उन्होंने कहा अगर पक्के सबूत नहीं हैं तो इस तरह की कार्रवाई करना उचित नहीं है।
- उन्होंने कहा कि अगर सरकार निर्णायक सबूत तैयार करने में असमर्थ है तो यह आपातकाल के दौरान जो हुआ उसकी याद दिलाता है।
- एनएचआरसी ने भीमा-कोरेगांव हिंसा के सिलसिले में पांच कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया : अधिकारी