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पश्चिम बंगाल में कट मनी की पूरी सूची: अंतिम संस्कार के लिए 200 रुपये और घर के लिए 25 हजार

Wed, 03 Jul 2019 02:46 PM IST
शिल्पा ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी - फोटो : एएनआई
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सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से 'कट मनी' (कमीशन) लिए जाने को लेकर पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। मामला सामने आने के बाद अब पता चला कि कट मनी के लिए एक सूची भी बनी हुई है। जिसमें हर योजना के लिए कितने पैसे लिए जाएं, ये तय किया गया है। इस सूची में आवास योजना और मनरेगा तक को शामिल किया गया है।     

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार मामोनी सरदार (23) नामक व्यक्ति ने हुगली से टीएमसी नेता को केंद्र सरकार की उज्जवला योजना के तहत गैस सिलेंडर लेने के लिए 550 रुपये दिए थे। इसपर मामोनी का कहना है, "मुझे लगा कि वह कनेक्शन की कीमत थी। मुझे बादमें पता चला कि मुझे पैसे देने की कोई जरूरत ही नहीं थी... मुझे बहुत गुस्सा आया। और अब मुझे मेरे पैसे वापस चाहिए।"  

टेलर का काम करने वाले मामोनी की पत्नी दो टीएमसी नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए महिलाओं के समूह के साथ आम के बाग में आईं। इन सभी का कहना है कि नेताओं ने इनसे गैस कनेक्शन के बदले 500-600 रुपये लिए हैं। दोनों नेता सुभाष बिसवास और सिखा मजूमदार तभी से गायब हैं।
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अवैध कमीशन या कट मनी के खिलाफ विभिन्न जिलों की महिलाओं सहित स्थानीय व्यापारी प्रदर्शन कर रहे हैं। ये नेता राज्य सरकार और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए उनसे पैसे लेते थे।

क्या है 'कट मनी'?

कट मनी एक तरह का कमीशन होता है, जो स्थानीय सरकारी परियोजनाओं या कल्याणकारी योजनाओं के लिए स्वीकृत धनराशि में से लाभार्थी को देते समय काट लेते हैं। इसके इलावा टीएमसी नेताओं पर किसी सरकारी मंजूरी देने के एवज में भी 'कट मनी' लेने के आरोप लगे हैं।   

मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि पश्चिम बंगाल में कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से 'कट मनी' स्वीकार करने वाले निर्वाचित जन प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों को अब एक कड़े कानून के तहत आरोपी बनाया जाएगा, जिसमें दोषी ठहराए जाने पर आजीवन कारावास का प्रावधान है। 

रिपोर्ट के अनुसार करीब 12 गांवों के लोग इस 'कट मनी' से परेशान हैं। कट मनी की शुरूआत 200 रुपये से होती है, और ये 25 हजार रुपये तक है। इन लोगों का कहना है कि हालात ऐसे हैं कि जो लोग अपने किसी रिश्तेदार का अंतिम संस्कार करवाते हैं, उनको तक नहीं बख्शा जाता। राज्य सरकार की समाबयाथी योजना के तहत अंतिम संस्कार और उससे जुड़े अन्य कामों के लिए दो हजार रुपये तक की मदद पहुंचाई जाती है। इसमें भी कट मनी के तौर पर लोगों से 200 रुपये तक लिए जाते हैं। 

ये पैसे लेने का खेल यहीं खत्म नहीं होता। विभिन्न प्रकार की योजनाओं के लिए कट मनी निर्धारित की गई है। जैसे-

- उज्जवला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन- प्रत्येक लाभार्थी से 500 से 600 रुपये तक लेना।

- बंगलार बारी (प्रधानमंत्री आवास योजना)- घर बनाने के लिए 1.20 लाख से 1.35 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध करवाने के लिए प्रत्येक लाभार्थी से 10-25 हजार रुपये तक कट मनी के तौर पर लेना।

- निर्मल बांगला (स्वच्छ भारत मिशन- ग्रामीण)- शौचालय के लिए 12 हजार रुपये की सहायता देने के लिए कट मनी के तौर पर 900 से 2 हजार रुपये प्रत्येक लाभार्थी से लेना।

- मनरेगा- ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत आने वाले लोगों से 20 से 40 रुपये प्रतिदिन लेना। लाभार्थियों के अकाउंट में आने के बाद पैसा पर्यवेक्षक लेता है। 

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