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तैयारी: हर साल चार लाख से ज्यादा जिंदगियां खत्म कर रही अनजान चोट, रोकथाम के लिए राष्ट्रीय रणनीति तैयार

Thu, 10 Oct 2024 05:35 AM IST
दीपक कुमार शर्मा परीक्षित निर्भय, अमर उजाला

सार

सरकार ने अनजान चोट को चार प्रमुख भागों में बांटा है, जिनमें सड़क यातायात चोटें, पानी में डूबना, आग में झूलसना और ऊंचाई से गिरना शामिल हैं। रोकथाम के लिए आबादी को भी तीन प्राथमिकताओं में अलग किया है, जिनमें श्रमिक, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। 
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा - फोटो : X / @JPNadda
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विस्तार
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देश में हर साल चार लाख से ज्यादा जिंदगियां अनजान चोट के चलते खत्म हो रही हैं। इनकी रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय रणनीति तैयार की है। इसके तहत राज्यों के साथ मिलकर 2030 तक इन घटनाओं में 30 फीसदी तक कमी लाने का लक्ष्य रखा है।

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सरकार ने अनजान चोट को चार प्रमुख भागों में बांटा है, जिनमें सड़क यातायात चोटें, पानी में डूबना, आग में झूलसना और ऊंचाई से गिरना शामिल हैं। रोकथाम के लिए आबादी को भी तीन प्राथमिकताओं में अलग किया है, जिनमें श्रमिक, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। राज्यों को जारी 174 पेज की रिपोर्ट में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि भारत पिछले कई वर्षों से अनजान चोट की वजह से जान-माल का नुकसान झेल रहा है। रोकथाम के उपायों को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने के लिए विशेषज्ञों की सलाह के बाद रणनीति तैयार की है।

बड़े से छोटे अस्पताल तक में आएगा बदलाव
स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि राष्ट्रीय रणनीति में सबसे पहले सेवा वितरण शामिल है, जिसमें मौजूदा बुनियादी ढांचे में सुधार करते हुए चोट के लिए स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। उच्च गुणवत्ता वाली सहायता के जरिये मौत की आशंका या फिर दीर्घकालिक विकलांगता को कम किया जा सकेगा। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य कार्यबल, स्थानीय एजेंसियों के साथ तालमेल, सामाजिक संगठनों के जरिये क्षेत्र में जागरूकता, डाटा और अनुसंधान, चोट निवारण कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त धनराशि, सरकारी विभागों के बीच आपसी समन्वय और रियल टाइम निगरानी व रिपोर्टिंग को शामिल किया है।
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16 राज्यों में हालात गंभीर
केंद्र ने राष्ट्रीय रणनीति में मृत्युदर के आधार पर सबसे ज्यादा गंभीर स्थिति वाले राज्यों की पहचान भी की है। इनमें लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गोवा, ओडिशा, तेलंगना, कर्नाटक, केरल, पांडिचेरी और तमिलनाडु शामिल हैं। इन राज्यों में अनजान चोट की वजह से मृत्युदर राष्ट्रीय औसत 32.01 की तुलना में काफी ज्यादा है।

भारत में सबसे ज्यादा अनजाने में लग रहीं चोट
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो 2022 के अनुसार, भारत में 4,30,504 लोगों की अनजाने में चोट लगने की वजह से मौत हुई, जबकि इसी साल 17,0924 मौत जानबूझकर लगी चोट से हुई हैं। भारत में सबसे ज्यादा 45.1% मामले सड़क दुर्घटनाओं की वजह से हैं। इसके बाद डूबना (8.9%), जहर देना (5%), गिरना (5.5%) और आग से झूलसने (4.7%) शामिल हैं।

स्वास्थ्य कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
राष्ट्रीय रणनीति में सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं के साथ-साथ कार्यस्थल पर होने वाली घटनाओं को भी शामिल किया है। आगामी दिनों में देश के सभी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण मिलेगा, ताकि घायलों को सबसे पहले प्राथमिक उपचार मिल सके। इसके बाद जरूरी होने पर मरीज को बड़े अस्पताल रेफर किया जाएगा जिसके लिए रैफरल नीति भी बनी है।

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