भारतीय जीवन बीमा निगम की तरफ से ग्रामीण भूमिहीन परिवार के मुखिया का बीमा निशुल्क किया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि बीमा होने के बाद परिवार के दो बच्चों को 100 रुपये प्रति माह के हिसाब से दो किश्तों में छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसके लिए बच्चे को कक्षा 9 से 12वीं तक होना अनिवार्य है।
जिला विद्यालय निरीक्षण श्रवण कुमार यादव ने बताया है कि यह बीमा योजना काफी बच्चों को लाभ पहुंची सकती है। इसी उद्देश्य से सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वो अपने विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को चिह्नित करें, जो ग्रामीण परिवेश से हैं और उनके अभिभावक भूमिहीन हैं। योजना के बार स्वयं भूमिहीन परिवार अपनी तहसील से जानकारी ले सकते हैं। तहसीलदार को बीमा योजना के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
इस योजना में छात्रवृत्ति के अलावा परिवार को कुछ दूसरे लाभ भी दिये गए हैं। अगर बीमा कराने वाले व्यक्ति की प्राकृतिक मौत हो जाती है तो परिवार को 30 हजार रुपये, दुघर्टना में मौत होने पर 75 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके साथ ही पूर्ण रूप से अपंग होने पर 75 हजार व आंशिक तौर पर अपंग होने पर 37,500 रुपये की धनराशि दी जाएगी।