फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एलआईसी का 2684 करोड़ का निवेश घोटाला: अनिल अंबानी पर सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर, कौन-कौन से आरोप लगाए?

Fri, 18 Sep 2026 09:08 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीबीआई ने रिलायंस कैपिटल, अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ एलआईसी को 2,684.57 करोड़ रुपये के कथित नुकसान से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज की है। एलआईसी का आरोप है कि 3,900 करोड़ रुपये के निवेश को गलत जानकारी देकर हासिल किया गया और रकम को कथित तौर पर डायवर्ट किया गया। सीबीआई धन के इस्तेमाल और पूरी कथित साजिश की जांच करेगी। क्या है पूरा मामला?

विज्ञापन
सीबीआई अब इस मामले में क्या जांच करेगी? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रिलायंस कैपिटल लिमिटेड और उसके पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने एलआईसी के 2,684.57 करोड़ रुपये के कथित नुकसान से जुड़े मामले में रिलायंस कैपिटल, अनिल अंबानी, कंपनी के पूर्व ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश सेठ और कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला एलआईसी की ओर से दी गई लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। अनिल अंबानी के प्रवक्ता की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई। अंबानी हमेशा किसी गलत काम से इनकार करते रहे हैं।

एलआईसी ने रिलायंस कैपिटल में कितना पैसा लगाया था?

सीबीआई के अनुसार, एलआईसी ने आरोप लगाया है कि 12 अप्रैल 2012 से 9 मार्च 2018 के बीच रिलायंस कैपिटल की ओर से जारी पांच नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर यानी एनसीडी में कुल 3,900 करोड़ रुपये का निवेश किया गया था। यह निवेश सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों, फंडिंग और पुराने कर्ज को चुकाने के लिए किया गया था। एलआईसी का आरोप है कि आरोपियों ने कथित तौर पर साजिश के तहत गलत जानकारी देकर उसे रिलायंस कैपिटल में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद निवेश की रकम को कथित तौर पर दूसरी जगह भेज दिया गया।

एलआईसी ने आरोपियों पर कौन-कौन से आरोप लगाए हैं?

एलआईसी की शिकायत के आधार पर सीबीआई ने कहा है कि मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक कदाचार, धन की कथित हेराफेरी या गलत इस्तेमाल और खातों में कथित फर्जीवाड़े जैसे अपराधों की जांच की जा रही है। एलआईसी का आरोप है कि उसे गलत जानकारी देकर निवेश के लिए प्रेरित किया गया और इसके बाद धन को कथित तौर पर दूसरे कामों में भेज दिया गया। सीबीआई के मुताबिक, इन कथित गतिविधियों से एलआईसी को 2,684.57 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और आरोपियों तथा अन्य लाभार्थियों को इसी के अनुरूप कथित गलत फायदा पहुंचा।

सीबीआई अब इस मामले में क्या जांच करेगी?

सीबीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल थे और कथित साजिश में उनकी क्या भूमिका थी। जांच में अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और निजी लोगों की भूमिका भी देखी जाएगी। इसके अलावा एलआईसी से मिली निवेश की रकम का वास्तविक इस्तेमाल कहां हुआ और क्या उसमें किसी तरह की हेराफेरी या धन का डायवर्जन हुआ, इसकी भी जांच की जाएगी। फिलहाल एफआईआर में लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।

रिलायंस समूह की कंपनियों के खिलाफ पहले भी कितने मामले दर्ज हुए?

सीबीआई ने बताया कि इससे पहले भी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, रिलायंस कैपिटल लिमिटेड, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के खिलाफ अलग-अलग शिकायतों पर आठ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। ये शिकायतें विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ और एलआईसी की ओर से मिली थीं। सीबीआई के मुताबिक, इन मामलों में अब तक छह आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं और सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी ने कहा है कि ये मामले अभी जांच के अधीन हैं और इनकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें