गुजरात एटीएस ने आतंकी संगठन आईएस के कथित ऑपरेटिव के मामले में अंकलेश्वर अदालत में चार्जशीट फाइल की है। एटीएस ने कहा कि संदिग्ध ऑपरेटिव उबैद मिर्जा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करना चाहता था और वह इस घटना को स्नाइपर राइफल से अंजाम देना चाहता था।
उबैद ने यह इरादा मेसेजिंग ऐप पर जाहिर किया था। एटीएस को उबैर का मोबाइल और पेन ड्राइव मिल गया है जिसमें सारी जानकारी मौजूद हैं। इस मामले में 25 अक्टूबर 2017 को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया हैै। इनका नाम उबैद मिर्जा और कासिम स्तिमबेरवला है। ये दोनों सूरत के रहने वाले हैं। मिर्जा पेशे से वकील है और कासिम लैब टेक्नीशियन का काम करता है।
एटीएस के एक अधिकारी ने बताया कि 'कासिम ने गिरफ्तारी से 21 दिन पहले अपनी नौकरी छोड़ दी थी और वह जमैका भागना चाहता था जिससे कट्टरपंथी मौलवी शेख अब्दुल्लाह अल फैसल के साथ जिहादी मिशन में शामिल हो सके। कासिम ने इसके लिए जमैका में नौकरी के लिए वर्क परमिट भी हासिल कर लिया था।
चार्जशीट में मौजूद जानकारी के मुताबिक 10 सितंबर 2016 को मिर्जा ने संदेश भेजा, 'पिस्तौल खरीदना है और उसके बाद मैं उनसे संपर्क करने का प्रयास करूंगा।' मिर्जा को रात 11 बजकर 28 मिनट पर एक व्यक्ति से संदेश मिला, 'ठीक, मोदी को स्नाइपर राइफल से मारते हैं।'