अपने विवादित बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय ने दिल्ली में हुई हिंसा जैसी स्थितियों से निपटने के लिए अजीबोगरीब सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए चीन में 1989 की थ्येन आन मन चौक की घटना से सीख ली जा सकती है।
याद रहे कि बीजिंग के इस चौक के आसपास 4 जून, 1989 को हजारों लोकतंत्र समर्थकों को मार दिया गया था। चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के खिलाफ हफ्तों से प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने बेहद ही क्रूर अभियान चलाया था।
राज्यपाल रॉय ने ट्वीट किया, 'बीजिंग में थ्येन आन मन चौक की घटना याद है? याद है कि तंग श्याओपिंग कैसे निपटे थे? शायद एक सीख हो सकती है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में गड़बड़ी से कैसे निपटें। मुझे पता है सारे कॉमरेड इससे सहमत होंगे।'
हालांकि बाद में उन्होंने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया। इसके बाद गुरुवार को पत्रकारों ने उनसे इस संबंध में सवाल पूछा तो उन्होंने अपने ट्वीट का बचाव किया। उन्होंने कहा, 'उस ट्वीट में क्या है। मैं उस पर भ्रमजाल में नहीं पड़ना चाहता।' अपने पोस्ट को लेकर एक यूजर की प्रतिक्रिया के जवाब में रॉय ने लिखा, 'तंग (श्याओपिंग) ने माओवाद के जानलेवा पंथ से चीन को बचा लिया और इसे ऊंचाइयों पर ले गए।' अपने ट्विटर प्रोफाइल पर रॉय ने खुद को दक्षिणपंथी हिंदू सामाजिक राजनीतिक चिंतक, लेखक और विचारक, साथ ही मेघालय का राज्यपाल बताया है। रॉय पश्चिम बंगाल के पूर्व भाजपा अध्यक्ष हैं।