उड़ी आतंकी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की नजर करीब 11 स्थानीय दुकानदारों पर है। इन दुकानदारों में एक मोबाइल फोन रिटेलर भी शामिल है जिसने हमले में शहीद हुए 6 जवानों को सिम कार्ड बेचे थे।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले से ठीक पहले शनिवार को मोबाइल रिटेलर ने सामान्य से 3 घंटे अधिक तक दुकान खोले रखी थी। कुछ घंटों बाद रविवार को तड़के जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने आर्मी कैंप पर हमला किया। यह दुकानदार रोजाना करीब साढ़े छह बजे दुकान बंद कर देता था लेकिन उस दिन दुकान को देर तक खोला गया।
आर्मी कैंप के गेट पर मिलिट्री पुलिस पर आने-जाने वालों का समय आदि दर्ज करने के लिए रजिस्टर बनाया गया है। एजेंसी को सूचना देने वाले एक शख्स का कहना है, 'हालांकि वह यहां पुराना आदमी है उसने हाल में जवानों को सिम कार्ड भी दिए थे। हमले से ठीक पहले ही रात वह करीब 10 तक दुकान बंद करके नहीं गया, यह बेहद असामान्य है। उससे अब पूछताछ की जाएगी।'