त्रिपुरा में लेनिन और तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति तोड़े जाने की घटनाओं के बाद देश में राजनेताओं की मूर्ति तोड़ने का सिलसिला शुरू हो चुका है। कोलकाता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी और फिर मेरठ में संविधान निर्माता भीम राव अंबेडकर की मूर्ति तोड़ी गई है। देश भर में मूर्ति तोड़े जाने के चल पड़े सिलसिले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने इस मामले में गृह मंत्रालय से भी बात की है और कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों में एडवाइजरी जारी की है।
पूर्वोत्तर राज्यों में चुनाव नतीजों के बाद देश के कई राज्यों से मूर्तियां तोड़ी जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति को बुलडोजर से ढहा दिया गया तो तमिलनाडु में हथौड़े की मदद से पेरियार की मूर्ति को क्षति पहुंचाई गई।
और अब दक्षिण कोलकाता में भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति तोड़े जाने और कालिख पोते जाने की जानकारी मिल रही है। इस पर प्रधानमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बात की है और घटना पर नाराजगी जाहिर की है। वहीं मूर्ति तोड़े जाने को लेकर देशभर के नेता भी एक दूसरे आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
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- फोटो : File Photo
1.मूर्ति तोड़े जाने का सिलसिला त्रिपुरा से शुरू हुआ जो अब देशभर में फैल चुका है। मामला बढ़ता देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे मामले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने बुधवार को इस पूरे मामले के लिए गृहराज्य मंत्री राजनाथ सिंह से भी बात की है।
2. प्रधानमंत्री की नाराजगी के साथ ही गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवायजरी जारी की है और कहा है कि ऐसी किसी भी घटना पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही मंत्रालय ने कहा कि ऐसी भी किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यापक कदम उठाए जाएं और पकड़े गए लोगों पर ठोस कानूनी कार्रवाई की जाए।
3.त्रिपुरा में लेनिन की दो मूर्तियां तोड़ी गई हैं। मूर्तियां तोड़े जाने को लेकर सीपीआई (एम) के नेता बिजान धर ने कहा कि सोमवार की रात बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति को तोड़ दिया है। यह मूर्ति कुछ साल पहले ही लगाई गई थी। सबरूम त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से करीब 135 किलोमीटर दूर है। बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने 11.5 फीट फाइबर के स्टैचू और बेलोनिया में भी लेनिन के एक स्टैचू को तोड़ा। सीपीआई एम के नेता का आरोप है कि स्टैचू तोड़ने के बाद कार्यकर्ताओं ने भारत माता की जय का नारा भी लगाया था।
4 भाजपा की जीत के साथ ही त्रिपुरा में हिंसा का दौर जारी है। सीपीआईएम का आरोप है कि 3 मार्च को चुनाव परिणाम आने के बाद से ही राज्य में हिंसा का दौर चालू है। दास ने बताया कि कई जिलों से हिंसा की खबरें आ रही है बीजेपी के कार्यकर्ता कई जगहों पर तोड़ फोड़ कर रहे हैं। यहां तक कि शनिवार को बीजेपी और आईपीएफटी के कार्यकर्ताओं ने 520 से अधिक सीपीआई एम के कार्यकर्ताओं पर हमला किया है।
5. जबकि बीजेपी ने सीपीआई एम पर लोगों को उकसाने का आरोप लगाया है। बीजेपी के कार्यकर्ताओं और त्रिपुरा में पार्टी के वाइस प्रेसिडेंट सुबल भौमिक ने लेफ्ट पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 48 घंटे में ऐसे 49 मामले सामने आए हैं जहां बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया है। और उन्हें भड़कने पर मजबूर किया गया है। जिसमें करीब 17 बीजेपी कार्यकर्ता घायल हुए हैं।
6 त्रिपुरा में बढ़ रहे दंगों को देखते हुए जिला प्रशासन ने कई सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी मिलिंद रामटेके ने कहा कि पश्चिमी त्रिपुरा सहित, श्रीनगर, लेफुंगा, मंडई, अमताली, राधापुर, जिरानिया और मोहनपुर के कई हिस्सों से हिंसा की खबर आई है।
7 लेनिन की मूर्ति गिराए जाने का आरोप कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया है। कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा है भाजपा असहिष्णु हो रही है और वह पार्टी जो खुद असहिष्णु है वह प्रजातंत्र ठीक से नहीं चला सकती है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि राज्य में सत्ता में आने के बाद बीजेपी अभिमानी पार्टी हो गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं में बर्दाश्त शक्ति बिलकुल भी नहीं है।
8 कोलकाता में लेफ्ट पार्टी वालों ने किया प्रदर्शन: मंगलवार को हजारों लेफ्ट के कार्यकर्ता कोलकाता में सड़कों पर उतरे और उन्होंने त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति गिराए जाने पर विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर सीपीआईएम के नेता और जनरल सेक्रेटरी सीताराम येचुरी, पोलितब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात, बृंदा करात सहित कई लेफ्ट के नेता इस रैली में शामिल हुए।
9 ममता बनर्जी ने बीजेपी को चेताया: लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने को लेकर पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी को चेताया है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि यदि किसी पार्टी ने सरकार बना ली है तो उसको हक नहीं मिल जाता है कि वह किसी महान व्यक्ति की मूर्ति को गिरा दे या तोड़ फोड़ करे। बनर्जी ने कहा कि त्रिपुरा में जो हो रहा है वह प्रजातंत्र नहीं है।
10. मूर्ति गिराए जाने के बाद गवर्नर तथागत रॉय ने मामले को और गर्म कर दिया है। तथागत रॉय ने लिखा कि एक प्रजातांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार, दूसरी प्रजातांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार के फैसले को बदल सकती है।