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Maharashtra: पडलकर और आव्हाड ने विधान भवन में समर्थकों की झड़प पर जताया खेद; स्पीकर ने जारी किए सख्त निर्देश

Fri, 18 Jul 2025 02:38 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

इससे पहले जितेंद्र आव्हाड के खिलाफ मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। बीते दिन विधान भवन में भाजपा और राकांपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद जितेंद्र आव्हाड और उनके कार्यकर्ताओं ने शाम को पुलिस वाहन के आगे बैठकर कामकाज में बाधा डाली। मुंबई पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जितेंद्र आव्हाड के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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राहुल नार्वेकर - फोटो : ANI
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विस्तार
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विधान भवन में हुई हाथापाई की घटना को महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने सख्ती से नए निर्देश देते हुए कहा कि सत्र के दौरान केवल विधायकों, उनके सहयोगियों और सरकारी अधिकारियों को ही अनुमति दी जाएगी। इस बीच भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर और राकांपा (सपा) विधायक आव्हाड ने विधान भवन में अपने समर्थकों के बीच हुई मारपीट पर विधानसभा में खेद व्यक्त किया।

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विधान भवन में आगंतुकों का प्रवेश वर्जित
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने शुक्रवार को कहा कि राज्य विधानमंडल के सत्र के दौरान विधान भवन में आगंतुकों का प्रवेश वर्जित रहेगा। केवल मंत्रियों, विधायकों, उनके आधिकारिक तौर पर नियुक्त निजी सचिवों और सरकारी अधिकारियों को ही अंदर जाने की अनुमति होगी। उन्होंने राज्य विधानमंडल के निचले सदन में यह घोषणा राकांपा (शरद गुट) विधायक जितेंद्र आव्हाड और भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर के समर्थकों के विधान भवन में मारपीट के एक दिन बाद की। इससे एक दिन पहले दोनों विधायकों के बीच तीखी बहस हुई थी।

विधायकों को जवाबदेह ठहराया जाएगा
अध्यक्ष नार्वेकर ने कहा कि विधानमंडल आचार समिति के गठन पर एक सप्ताह में फैसला लिया जाएगा। सत्र के दौरान मंत्रियों को विधानमंडल परिसर में आधिकारिक बैठकें करने और आगंतुकों से मिलने की अनुमति नहीं होगी। संबंधित विधायकों को उनके साथ आए व्यक्तियों के आचरण के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा।
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सदन के विशेषाधिकार हनन का सामना करना पड़ेगा
उन्होंने कहा कि विधायक जितेंद्र अव्हाड और गोपीचंद पडलकर के सहयोगी नितिन देशमुख और सरजेराव टाकले को सदन के विशेषाधिकार हनन का सामना करना पड़ेगा। दोनों गुरुवार की हाथापाई में शामिल थे। उन्हें राज्य विधानमंडल के सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में ले लिया था।

पडलकर ने पीठासीन अधिकारी और मंत्री से की बहस
इस बीच भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर ने महाराष्ट्र विधानसभा में पीठासीन अधिकारी और एक मंत्री से बहस की। बहस तब हुई, जब पडलकर ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और वीजेएनटी समुदायों को प्रभावित करने वाले शिक्षकों की सीधी भर्ती के संबंध में एक प्रस्ताव पेश किया। जब पडलकर बोल रहे थे, पीठासीन अधिकारी समीर कुनावर ने उनसे एक तीखा सवाल उठाने को कहा। इस पर भाजपा विधायक ने तर्क दिया कि एक तीखे सवाल से मुद्दे को कैसे समझा जा सकता है। उन्होंने गुस्से में कहा, 'मेरा प्रस्ताव रद्द करें। मुझे कोई जवाब नहीं चाहिए।'

पडलकर के ऊंची आवाज में बोलने पर मंत्री ने दिया जवाब
भाजपा विधायक को संबोधित करते हुए राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने कहा, 'यह मुद्दा महत्वपूर्ण था और प्रस्ताव के समय आप उपस्थित नहीं थे। मैंने सभापति से कहा कि आपकी उपस्थिति में इस पर फिर से विचार किया जाए।' पडलकर के ऊंची आवाज में बोलने पर उन्होंने कहा, 'मैं आपसे विनम्रता से बात कर रहा हूं।'  

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