त्रिपुरा व पश्चिम बंगाल में वाममोर्चा पर लगातार बढ़ते हमलों के विरोध में तमाम वामपंथी पार्टियां 24 जुलाई को दिल्ली में संसद भवन के बाहर धरने पर बैठेंगी। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने शनिवार को यहां पत्रकारों को इस बात की जानकारी दी।
येचुरी ने कहा कि इन दोनों राज्यों में लोकतंत्र व लोगों के मौलिक अधिकार नामक कोई चीज नहीं बची है। यहां कानून व व्यवस्था पूरी तरह ढह चुकी है। इस मुद्दे पर देश का ध्यान आकर्षित करने के लिए वामपंथी पार्टियां संसद भवन के बाहर धरने पर बैठेंगी। माकपा महासचिव ने आरोप लगाया कि त्रिपुरा में भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन के सत्ता में आने के बाद से वाम समर्थकों पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं।
यहां अब तक पार्टी के चार समर्थकों की हत्या हो चुकी है और एक हजार से ज्यादा समर्थक घायल हो चुके हैं। इसके अलावा माकपा के सैकड़ों दफ्तरों को जला दिया गया है। माकपा महासचिव ने कहा कि बंगाल में भी हालत बेहतर नहीं हैं। पंचायत चुनावों के बाद से ही राज्य में हिंसा का दौर चल रहा है।