हलफनामे के जरिए स्पष्टीकरण दे मोदी सरकार: येचुरी
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने एक ट्वीट में लिखा, 'मोदी सरकार को हलफनामे के जरिए यह स्पष्ट करना चाहिए कि इसने साइबर हथियार क्यों खरीदा, किसने इस्तेमाल की अनुमति दी, किस तरह लोगों को निशाना बनाने के लिए चुना गया और ये रिपोर्ट किसे मिलीं।' उन्होंने लिखा, ऐसे गंभीर मुद्दे पर चुप्पी का अर्थ अपराध स्वीकार करना है।
वहीं, सीपीआई के महासचिव डी राजा ने कहा कि अब यह साफ हो गया है कि सरकार ने संसद से भी पेगासस को लेकर कुछ सच्चाइयां छुपाई थीं। अब यह बात सामने आ गई है। राजा ने कहा कि संसद सत्र आने वाला है और उनसे इसे लेकर सवाल पूछे जाएंगे। सरकार को जवाब देना चाहिए। चुप रहने का मतलब यही है कि वह लोगों की जासूसी कराने के काम में संलिप्त थे।
कांग्रेस का आरोप, प्रधानमंत्री की मामले में सीधी भूमिका
उधर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीधी भूमिका है। बता दें कि पिछले साल इस पर विवाद खड़ा हो गया था कि भारत में इस्राइली जासूसी सॉफ्टवेटर पेगासस का इस्तेमाल करके लोगों को निशाना बनाकर उनकी निगरानी की जा रही है। इस मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अक्तूबर में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था।