उत्तर बंगाल में अपने कदम मजबूत करने के लिए वाममोर्चा ने भी अब असम के नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) मुद्दे को सियासी फायदे के लिए भुनाने के कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत हाल में उसने असम से लगे अलीपुरदुआर जिले में एनआरसी पर एक सेमिनार का आयोजन किया।
इसका मकसद इलाके के खासकर बंगाली लोगों की भावनाओं को अपने हित में भुनाना था। ध्यान रहे कि असम में एनआरसी के अंतिम मसविदे से लाखों बंगालियों के नाम गायब हैं। बंगाल में यह मुद्दा पहले से ही गरमा रहा है। तृणमूल कांग्रेस तो पहले ही इस मुद्दे पर मुखर है।
अब वाममोर्चा ने भी इस मुद्दे को उठाने का फैसला किया है। दूसरी ओर, भाजपा बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान के लिए राज्य में भी एनआरसी लागू करने की मांग उठा रही है। यही वजह है कि अब इस मुद्दे पर उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों में कई अन्य कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है।