मुख्य निर्वाचन आयुक्त नसीम जैदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि चुनाव के दौरान पैदा होने वाली स्थितियों से निपटने के लिए नए कानून की जरूरत है। उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में संपन्न विधानसभा चुनाव के बाद जैदी ने कहा कि आयोग ने यह महसूस किया है कि कई लोगों ने चुनाव के दौरान के आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रबंधन, सामाजिक और आर्थिक स्थिति में तेजी से बदलाव हो रहा है और ऐसा लगता है कि भविष्य में किसी खास स्थिति से निपटने के लिए कुछ नियमों की जरूरत पड़ेगी। वैसे उन्होंने उस सुझाव को खारिज कर दिया कि आयोग वर्तमान में चुनावी प्रावधानों के उल्लंघन से निपटने में सक्षम नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह नहीं कहा जा सकता कि आयोग के पास पर्याप्त अधिकार नहीं हैं। आयोग के पास एक फ्रेमवर्क है और उसका कड़ाई से पालन जारी रखा जाएगा। लेकिन, हर चुनाव में पैदा होने वाली कुछ अलग चुनौतियों से निपटने के लिए नए कानूनी फ्रेमवर्क की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि अदालतों के फैसले और आदेशों के आधार पर आयोग ने भी कुछ फ्रेमवर्क बनाए हैं। ये अब निर्देशात्मक कानून बन गए हैं।
राजनेताओं के आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन और एग्जिट पोल को लेकर दिशानिर्देशों के मीडिया द्वारा उल्लंघन करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आयोग राजनेताओं, मीडिया, उम्मीदवारों, सरकारी अधिकारियों सभी से आचार संहिता के पालन की उम्मीद करता है और कुल मिलाकर ये सभी इसका पालन करते हैं।