एसएम कृष्णा (92) का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद बेंगलुरु में निधन हो गया था। राजकीय सम्मान के साथ आज उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया , उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, विपक्षी नेता, सांसद, विधायक आदि मौजूद रहे।
कर्नाटक के पूर्व राज्यपाल और पूर्व विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा का बुधवार को उनके पैतृक गांव सोमणहल्ली में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 92 वर्षीय अनुभवी राजनेता कृष्णा का मंगलवार को बंगलूरू स्थित अपने निवास पर लंबी बीमारी बाद निधन हुआ। वह महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे थे।
विज्ञापन
अंतिम संस्कार के दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उप मुख्यमंत्री और कृष्णा के रिश्तेदार डी.के.शिवकुमार, केंद्रीय मंत्री और राज्य मंत्री, कई विधायक, सांसद, विपक्षी भाजपा और जद (एस) के नेता और राज्य सरकार के उच्च अधिकारी मौजूद रहे। चुनचनगिरी मठ के पीठाधीश्वर निर्मलानंदनाथ स्वामीजी और अन्य ने भी कृष्णा को श्रद्धांजलि दी।
कृष्णा की पत्नी प्रेमा, बेटियां मालविका और शंभवी भी आंखों में आंसू के साथ श्रद्धांजलि देने के मौजूद थीं। एस.एम.कृष्णा को एस.एम.के. के नाम से भी जाना जाता था। उनके पार्थिव शरीर को फूलों से सजी पालकी में अंति संस्कार स्थल तक लाया गया। उनका शरीर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में लिपटा हुआ था और फूल-मालाओं से सजाया गया था। पुलिस ने दिवंगत नेता को गन सैल्यूट दिया। वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच कृष्णा अमर्त्य ने 1,000 किलो चंदन की लकड़ी से सजी चिता को मुखाग्नि दी।
विज्ञापन
पांच बातें, जो आपको जरूर जाननी चाहिए...
1 मई 1932 को कर्नाटक के मांड्या जिले के सोमनहल्ली में जन्मे एसएम कृष्णा विदेश मंत्री और महाराष्ट्र के राज्यपाल भी रह चुके हैं।
लॉ ग्रेजुएट एसएम कृष्णा ने अमेरिका में डलास, टेक्सास में दक्षिणी मेथोडिस्ट विश्वविद्यालय और वाशिंगटन डीसी में जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी लॉ स्कूल से स्नातक की पढ़ाई की थी। यहां वे फुलब्राइट स्कॉलर थे।
उन्होंने दिसंबर 1989 से जनवरी 1993 तक कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वे 1971 से 2014 के बीच कई बार लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य भी रहे।
वे 1999 के विधानसभा चुनावों से पहले कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष थे, जिसमें पार्टी ने जीत हासिल की और वे मुख्यमंत्री बने।
कांग्रेस में शामिल होने से पहले वे प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से जुड़े थे। कांग्रेस के साथ अपने लगभग 50 साल लंबे जुड़ाव को खत्म करते हुए एसएम कृष्णा मार्च 2017 में भाजपा में शामिल हो गए।