फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टाटा-मिस्त्री विवाद की अंतिम सुनवाई दो दिसंबर को करेगा सुप्रीम कोर्ट

Wed, 18 Nov 2020 08:57 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, नई दिल्ली
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ टाटा संस और साइरस इंवेस्टमेंट्स की एक दूसरे के खिलाफ दायर अपील पर दो दिसंबर को अंतिम सुनवाई की जाएगी। इस ट्रिब्यूनल ने साइरस मिस्त्री को टाटा समूह के कार्यकारी चेयरमैन पद पर बहाल कर दिया था।

विज्ञापन


प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यन की पीठ ने साइरस मिस्त्री और उनकी फर्म की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सीए सुंदरम से जानना चाहा कि जब यह मामला पहले ही अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है तो फिर बार-बार आवेदन करने का क्या औचित्य है।


सुंदरम ने जब यह कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में कुछ नया लाना चाहते थे तो पीठ ने कहा, 'क्या अंतिम सुनवाई में ये मुद्दे नहीं आएंगे? इन आवेदनों में उठाए जा रहे सारे मुद्दे अंतिम सुनवाई के दौरान उठाए जा सकते हैं।' अदालत ने मामले को अंतिम सुनवाई दो दिसंबर के लिए सूचीबद्ध कर दी।
विज्ञापन


टाटा संस प्रा.लि. की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि न्यायालय 22 सितंबर को ही इस मामले को अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर चुका है। न्यायालय ने 22 सितंबर को शापूरजी पालोनजी (एसपी) समूह और साइरस मिस्त्री को टाटा संस के शेयर गिरवी रखने या हस्तांतरित करने से रोक दिया था।

एसपी समूह के पास टाटा संस के 18.37 फीसदी शेयर हैं। एसपी समूह ने कहा था कि टाटा संस ने धन की व्यवस्था के लिए इन शेयरों को गिरवी रखने की उसकी योजना में बाधा डालने के लिये शीर्ष अदालत में याचिका दायर की और यह अल्पसंख्यक शेयरधारक के अधिकारों का हनन है।

टाटा संस ने पांच सितंबर को शीर्ष अदालत में मामला दायर कर मिस्त्री समूह को पूंजी जुटाने के लिए अपने शेयर गिरवी रखने से रोकने का अनुरोध किया था। टाटा संस इस याचिका के माध्यम से एसपी समूह को शेयरों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से गिरवी करने से रोकना चाहता था।

एसपी समूह की योजना विभिन्न स्रोतों से 11,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था करने की है। इसके अलावा उसने टाटा संस में अपने 18.37 फीसदी शेयरों के एक हिस्से के एवज में कनाडा के एक निवेशक के साथ 3,750 करोड़ रुपये के करार पर हस्ताक्षर किए थे। इससे पहले टाटा संस प्रा.लि. ने शीर्ष अदालत से कहा था कि वह दो समूह की कंपनी नहीं है और उसमें उसकी और साइरस इन्वेस्टमेंट्स प्रा.लि. के बीच ‘अर्ध-सहभागिता’ वाली कोई बात नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें