भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी को परेड मैदान में हुई परिवर्तन रैली में पूरा सम्मान मिला। कार्यकारिणी समिति की बैठक में खास महत्व न मिलने की चर्चा के बीच रैली के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ.जोशी को प्रयाग की धरती का गौरव और अपना प्रेरणास्रोत बताया तो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, सांसद श्यामा चरण गुप्त और विनोद सोनकर ने डॉ. जोशी बुके दिया फिर पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस सम्मान से जोशी भी गदगद नजर आए।
लंबे समय बाद ऐसा दिखा जब किसी रैली के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता और किसी समय पार्टी की तीन धरोहरों में शुमार लाल कृष्ण आडवाणी और डॉ. मुरली मनोहर जोशी नजर आए। मंच पर बीच की कुर्सी पर मोदी बैठे तो उनके दाहिनी ओर आडवाणी और बाई ओर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और उनके बगल में डॉ.जोशी विराजमान रहे। प्रधानमंत्री के रैली स्थल पर आने के पहले केशव, श्यामा और विनोद ने जोशी को पूरा सम्मान किया।
मंच पर पहुंचते ही मोदी ने जैसे ही नेताओं का परिचय कराया और डॉ.जोशी का नाम लिया, परेड मैदान तालियों से गूंज उठा। मंच पर अगल-बगल बैठे अमित शाह और डॉ.जोशी के बीच गुफ्तगू भी चर्चा की विषय रही। दो दिवसीय कार्यकारिणी की बैठक में हाशिए पर बताए जा रहे डॉ.जोशी की परिवर्तन रैली के मंच पर मौजूदगी ने सभी कयासों पर विराम भी लगा दिया।
रोटी और दाल तड़का के बाद मोदी ने खाई कुल्फी
रोटी और दाल तड़का के बाद मोदी ने खाई कुल्फी
- फोटो : PTI
इससे पहले केपी कालेज ग्राउंड में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के सत्र समापन पर पीएम नरेंद्र मोदी ने दिन का खाना उन्हीं के साथ खाया। सत्र समाप्त होने के बाद लंच के लिए नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, डा.मुरली मनोहर जोशी साथ ही हॉल से निकले और मेस में लंच किया।
खानपान की जिम्मेदारी संभाल रहे भाजपा नेता विजय मिश्र ने बताया कि लंच में मोदी ने दाल तड़का, तवे की रोटी, कढ़ाई पनीर, पनीर भुज्जी, जीरा राइस, जीरा तरोई की सब्जी खाई। बाद में उन्होंने इलाहाबाद की कुल्फी का आनंद भी लिया। सभी तकरीबन दो बजे तक मेस में रहे। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने लंच नहीं किया। उन्होंने दोपहर में सिर्फ फल खाया।