फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Visva Bharati: विश्वभारती ने भूखंड खाली करने के लिए अमर्त्य सेन को भेजा नोटिस, 24 मार्च तक देना होगा जवाब

Sun, 19 Mar 2023 10:21 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

नोटिस में कहा गया है, यदि आप और आपके अधिकृत प्रतिनिधि उक्त तिथि पर उपस्थित नहीं हो पाते हैं तो मामले में एकतरफा फैसला किया जा सकता है। 89 वर्षीय सेन फिलहाल विदेश में हैं। 
विज्ञापन
अमर्त्य सेन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विश्वभारती विश्वविद्यालय ने नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को भूमि विवाद में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में विश्वभारती ने पूछा है कि 0.13 एकड़ भूखंड को खाली नहीं करने पर उनके खिलाफ बेदखल करने का आदेश क्यों नहीं जारी किया जाए। विश्वविद्यालय का आरोप है कि इस भूखंड पर कथित रूप से उनका अवैध कब्जा है।

विज्ञापन


प्रख्यात अर्थशास्त्री को 24 मार्च तक नोटिस का जवाब देने को कहा गया है। साथ ही संयुक्त रजिस्ट्रार और एस्टेट अधिकारी अशोक महतो के समक्ष व्यक्तिगत रूप से या एक प्रतिनिधि के माध्यम से 29 मार्च तक पेश होने को कहा है। इस दौरान उन्हें अपने दावे के समर्थन में सबूत पेश करने के लिए भी कहा गया है।

नोटिस में कहा गया है, यदि आप और आपके अधिकृत प्रतिनिधि उक्त तिथि पर उपस्थित नहीं हो पाते हैं तो मामले में एकतरफा फैसला किया जा सकता है। 89 वर्षीय सेन फिलहाल विदेश में हैं। विश्वविद्यालय का दावा है कि सेन के पास शांति निकेतन परिसर में 1.38 एकड़ जमीन है, जो उनके 1.25 एकड़ के कानूनी अधिकार से अधिक है।
विज्ञापन


इससे पहले विश्व भारती विश्वविद्यालय की जमीन पर अनधिकृत कब्जे को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को जनवरी में कई पत्र लिखे थे। इसमें उनसे कहा गया था कि वे उस जमीन को विश्वविद्यालय को सौंप दें, जिस पर शांति निकेतन में कथित तौर पर उनका कब्जा था। वहीं अर्थशास्त्री अमृत्य सेन ने दावा किया था कि शांतिनिकेतन परिसर में उनके पास जो जमीन है, उनमें से अधिकांश को उनके पिता ने बाजार से खरीदा था, जबकि कुछ अन्य भूखंड पट्टे पर लिए गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें