लालू प्रसाद यादव को जबरन एम्स से डिस्चॉर्ज करने और उनकी जान को खतरा बताए जाने के आरोपों पर एम्स प्रबंधन ने सोमवार देर शाम जवाब दिया। एम्स प्रबंधन के अनुसार 29 मार्च को लालू प्रसाद यादव को रिम्स रांची से दिल्ली एम्स भेजा गया था। उस वक्त उन्हें उच्च रक्तचाप के साथ क्रोनिक किडनी बीमारी थी। साथ ही हाइपरटेंशन और मधुमेह की शिकायत भी थी। एम्स ने सर्जरी, मेडिसिन, कॉर्डियोलॉजी, एंड्रोकॉन्लोजी और नेफ्रोलॉजी विभाग के वरिष्ठ डॉक्टरों का एक बोर्ड बना इलाज शुरू किया था।
28 अप्रैल को बोर्ड ने जब लालू प्रसाद यादव की जांच की तो उन्होंने ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर नियंत्रण में बताया। साथ ही सलाह दी कि हाइपरटेंशन, मधुमेह के लिए वे रिम्स जाकर प्रतिदिन चिकित्सीय जांच और उपचार करवा सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर ही एम्स प्रबंधन ने उन्हें शनिवार को रेफर करने का निर्णय लिया था। लेकिन लालू प्रसाद यादव ने एम्स निदेशक से अपील करते हुए सोमवार को रांची जाने की इजाजत मांगी थी। इसीलिए सोमवार को एम्स प्रबंधन ने उन्हें डिस्चॉर्ज किया था।