राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की जमीन घोटाले मामले में मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही है। देशभर में उनके कई ठिकानों पर लगातार सीबीआई की छापेमारी की जा रही है। उनपर बिहार में विपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी ने दान में दी गई जमीन हथियाने का आरोप लगयाा है। लालू ने कहा कि सुशील मोदी के आरोप बेबुनियाद हैं उन्हें झूठे दावों के बजाय उनसे माफी मांगनी चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक लालू, सुशील मोदी पर मानहानि का केस करने वाले हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुशील मोदी ने कहा कि जिसका मान सम्मान हो वहीं मानहानि का केस कर सकता है। सुशील मोदी ने सीधे तौर पर लालू को भ्रष्टाचारी कह डाला है।
मामला 1992 का है जब तेजप्रताप जब चार साल के थे तब उनके नाम बीजेपी सांसद रमा देवी ने जमीन दान में दी थी, जोकि करीब 13 एकड़ थी। उस समय लालू के मंत्रिमण्डल में रमा देवी के पति ब्रजबिहारी प्रसाद शामिल थे। सवालों में घिरे जाने के बाद लालू ने ये रजिस्ट्री रद्द करवा दी, लेकिन सुशील मोदी ने इस सच को छुपने नहीं दिया है।
दरअसल, लालू पर सीबीआई की जांच का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है, क्योंकि देशभर में उनके 12 ठिकानों पर छापे मारे हैं। बताते चलें कि लालू यादव पर रेलमंत्री के तौर पर निजी कंपनी को भी लाभ पहुंचाया है।
दरअसल मामला यह है कि 2006 में रेलमंत्री रहते हुए लालू पर निजी कंपनी को आवंटन के जरिये लाभ पहुंचाने का आरोप है। अभी भी दिल्ली, पटना, रांची और पुरी में सीबीआई की ओर से लालू परिवार के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन जारी है।