बिहार में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद नई राजनीतिक बयार बहने के संकेत मिल रहे हैं। लालू परिवार में दरार की खबरों के बीच लालू की बेटी रोहिणी आचार्य के बयानों पर महाराष्ट्र तक बातें हो रही हैं। एआईएमआईएम और एनसीपी नेताओं के बयान सामने आए हैं। जानिए रोहिणी के प्रकरण पर क्या बात हो रही है।
बिहार में चुनाव परिणाम आने के बाद सियासी बयानबाजी का सिलसिला शुरू हो गया है। नतीजों की घोषणा के बाद अब कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनके कारण सियासी गलियारों में नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है। ऐसी ही एक घटना लालू की बेटी रोहिणी आचार्य और तेज प्रताप यादव के बयान हैं।
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एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने कही ये बात
बिहार में जनादेश आने के बाद प्रदेश की राजनीति में नए सिरे से चर्चा का केंद्र बनीं रोहिणी आचार्य के बयान पर महाराष्ट्र से निर्वाचित सांसद सुप्रिया सुले ने प्रतिक्रिया दी है। एनसीपी-एससीपी सांसद सुले ने कहा, 'मैंने ऐसा कुछ न सुना है, न देखा है। लालू जी, राबड़ी देवी और मीसा जी भी संसद में मेरे साथ रही हैं। परिवार जानता है कि क्या सच है और क्या झूठ। हमारे बीच 30 वर्षों से परिवार जैसे रिश्ते रहे हैं। यह भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है। मुझे नहीं पता कि वहां क्या हो रहा है।' बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम को लेकर सुप्रिया सुले ने कहा, 'वे इतने बड़े अंतर से कैसे हार गए? हमें भी आत्मचिंतन करने की जरूरत है। जीत का सारा श्रेय नीतीश जी को जाता है।'
AIMIM नेता ने कहा- हर चीज की गंभीरता से जांच होनी चाहिए
रोहिणी आचार्य के बयान पर AIMIM नेता वारिस पठान ने कहा, 'लालू यादव के परिवार में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले उनकी बहू (तेज प्रताप यादव की पूर्व पत्नी) ने भी आरोप लगाए थे कि उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। फिर उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने भी परिवार से नाता तोड़ लिया। अब रोहिणी आचार्य ने भी ऐसे गंभीर आरोप लगाए हैं। रोहिणी आचार्य ने तो लालू यादव को अपनी किडनी भी दान कर दी थी। महागठबंधन और लालू यादव के परिवार में जो कुछ हो रहा है, उसे लोग देख रहे हैं... हर चीज की गंभीरता से जांच होनी चाहिए क्योंकि ये आरोप लगाने वाली कोई और नहीं, बल्कि उसी परिवार की बेटी है।'