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Lakshadweep vs Maldives: मालदीव से कितना सुंदर लक्षद्वीप और यहां घूमने लायक कौन-सी जगहें? जानें पहुंचें कैसे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 09 Jan 2024 03:05 PM IST

सार

Lakshadweep vs Maldives: लक्षद्वीप में साल 2020 में 3,462 पर्यटक आए। वहीं 2021 में यह आंकड़ा बढ़कर 13,500 हो गया। यहां पहुंचने के लिए आप कोच्चि से संचालित होने वाले जहाजों और उड़ानों की मदद ले सकते हैं।
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मालदीव लक्षद्वीप - फोटो : Amar Ujala

मालदीव के नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए गए आपत्तिजनक बयानों के बाद शुरू विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर जहां इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) ने पर्यटन और व्यापार संघ से मालदीव को बढ़ावा देना बंद करने का आग्रह किया है तो दूसरी ओर मालदीव की टूरिज्म इंडस्ट्री ने भारत विरोधी टिप्पणियों को लेकर अपने ही नेताओं को लताड़ लगाई है। 

इस विवाद के बीच कई टूर ऑपरेटर्स ने द्वीपीय देश के लिए सेवा बंद करने का एलान कर दिया है। इसके बजाय ऑपरेटर्स ने लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही है। उधर लोगों ने भी इंटरनेट पर लक्षद्वीप सर्च करना शुरू कर दिया है।



आइए जानते हैं कि आखिर मालदीव और लक्षद्वीप की भौगोलिक स्थिति क्या है? दोनों जगहों के पर्यटन में क्या-क्या है? यहां कैसे पहुंचा जा सकता है? कौन सी जगह ज्यादा अच्छी है? 

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मालदीव लक्षद्वीप - फोटो : Amar Ujala
मालदीव के नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए गए आपत्तिजनक बयानों के बाद शुरू विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर जहां इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) ने पर्यटन और व्यापार संघ से मालदीव को बढ़ावा देना बंद करने का आग्रह किया है तो दूसरी ओर मालदीव की टूरिज्म इंडस्ट्री ने भारत विरोधी टिप्पणियों को लेकर अपने ही नेताओं को लताड़ लगाई है। 

इस विवाद के बीच कई टूर ऑपरेटर्स ने द्वीपीय देश के लिए सेवा बंद करने का एलान कर दिया है। इसके बजाय ऑपरेटर्स ने लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही है। उधर लोगों ने भी इंटरनेट पर लक्षद्वीप सर्च करना शुरू कर दिया है।

आइए जानते हैं कि आखिर मालदीव और लक्षद्वीप की भौगोलिक स्थिति क्या है? दोनों जगहों के पर्यटन में क्या-क्या है? यहां कैसे पहुंचा जा सकता है? कौन सी जगह ज्यादा अच्छी है? 

भारतीय मालदीव विवाद - फोटो : Amar Ujala
मालदीव
मालदीव मलयालम शब्द है जिसका मतलब होता है द्वीपों की माला। यह हिंद महासागर में स्थित एक द्वीप देश है। इसे मालदीव द्वीप समूह के नाम से भी जाना जाता है, जबकि इसका आधिकारिक नाम मालदीव गणराज्य है। द्वीप देश की भौगोलिकता देखें तो यह मिनिकॉय आईलैंड और चागोस द्वीपसमूह के बीच 26 प्रवाल द्वीपों की एक दोहरी चेन है। मालदीव का फैलाव भारत के लक्षद्वीप टापू की उत्तर-दक्षिण दिशा में है। भारत के पश्चिम तट से मालदीव की दूरी 300 नॉटिकल मील है। मालदीव जनसंख्या और क्षेत्र दोनों ही प्रकार से एशिया का सबसे छोटा देश है। इसकी आबादी महज 5,15,122 है। 

Maldives - फोटो : Social Media
पर्यटन 
  • द्वीप देश में पर्यटन अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा साधन है। लाखों पर्यटक हर साल यहां का दौरा करते हैं। भारतीय मालदीव को उसके एकांत रिसॉर्ट्स, वीजा-मुक्त यात्रा और छोटी उड़ान के लिए पसंद करते हैं। हिंद महासागर के ठीक मध्य में स्थित मालदीव में बाहरी चट्टानों पर सर्फिंग लोगों को खूब आकर्षित करती है। 
  • मालदीव के प्राकृतिक आकर्षण की बात करें तो यहां बा एटोल बायोस्फीयर रिजर्व और अड्डू नेचर पार्क सैलनियों की पसंद हैं। 
  • सांस्कृतिक हॉटस्पॉट के रूप में, उथीमु गंडुवरु (हा अलिफ उथीमु), मुलीआगे (माले में राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास, हुकुरु मिस्की और मुन्नारू (माले शहर), कुरुहिन्ना थारागंडु (काफू काशीधू), पुरानी मस्जिद (लामू इस्धू) काफी चर्चित हैं। 
  • डाइविंग और स्नॉर्कलिंग भी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र होती है। व्हेल शार्क को देखने के लिए ग्नवियानी एटोल (प्रवाल द्वीप), दक्षिण एरी एटोल, उत्तरी नर एटोल और बा एटोल में लोग स्नॉर्कलिंग का मजा लेते हैं। इसके अलावा अड्डू एटोल और उत्तरी माले एटोल में डाइविंग भी पर्यटकों को अपनी ओर खींचती है।

flight - फोटो : iStock
यहां कैसे पहुंचा जा सकता है? 
भारत और मालदीव के बीच प्रति सप्ताह 58 उड़ानें हैं। इनमें से मालदीव प्रति सप्ताह 10 उड़ानें संचालित करता है। पहले भारत की ओर से एयर इंडिया और स्पाइसजेट की ही उड़ानें थीं। 2018 के बाद गो एयर ने माले के लिए उड़ानें शुरू कीं। इसके बाद इंडिगो और विस्तारा ने भी अपने सेवाएं शुरू कर दीं। 

एयर इंडिया की सेवा माले को मुंबई और दिल्ली से जोड़ती है, जबकि सहयोगी कंपनी विस्तारा मुंबई और दिल्ली से उड़ान भरती है। इंडिगो चार शहरों से रोजाना की सेवा मुहैया करता है जिनमें बंगलूरू, मुंबई, दिल्ली और कोच्चि शामिल है। इसके अलावा इंडिगो की फ्लाइट हैदराबाद से सप्ताह में तीन बार माले का सफर तय करती है। वहीं दूसरी ओर मालदीव की कंपनियां माले से बंगलूरू, त्रिवेंद्रम और कोच्चि तक उड़ानें संचालित करती हैं।

लक्षद्वीप - फोटो : Amar Ujala
अब बात करते हैं लक्षद्वीप के बारे में...
भूगोल
 
भारत का सबसे छोटा संघ राज्यक्षेत्र लक्षद्वीप एक द्वीपसमूह है, जिसमें 36 द्वीप हैं। मलयालम और संस्कृत में लक्षद्वीप का नाम ‘एक लाख द्वीप’ है। यह एक जिले के साथ-साथ एक संघ राज्य क्षेत्र भी है। लक्षद्वीप में 12 एटोल, तीन रीफ, पांच जलमग्न बैंक और दस बसे हुए द्वीप हैं। 32 वर्ग किमी क्षेत्र वाले लक्षद्वीप की राजधानी कवरत्ती है, जो इसका प्रमुख शहर भी है। सभी द्वीप केरल के तटीय शहर कोच्चि से 220 से 440 किमी दूर, पन्ना अरब सागर में स्थित हैं। 

पूरे लक्षद्वीप का क्षेत्रफल 32.69 वर्ग किमी है। 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की आबादी 64,473 है। केंद्र शासित प्रदेश की साक्षरता दर 91.82% है। 

लक्षद्वीप - फोटो : सोशल मीडिया
पर्यटन 
  • लक्षद्वीप का प्राकृतिक सौंदर्य, रेतीले समुद्र तट, वनस्पतियों और जीवों की बहुतायत और शांत वातावरण पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। लक्षद्वीप में एक उष्णकटिबंधीय जलवायु है और इसका औसत तापमान 27 डिग्री सेल्सियस -32 डिग्री सेल्सियस है। अप्रैल और मई 32 डिग्री सेल्सियस के औसत तापमान के साथ सबसे गर्म हैं आम तौर पर जलवायु नम और सुखद रहता है। सैलानियों के लिए अक्तूबर से मार्च तक द्वीपों पर रहने का आदर्श समय है।
  • केंद्र शासित प्रदेश में घूमने के लिए कई मनोभावन जगहें हैं। अगाती यहां सबसे खूबसूरत लैगून में से एक है। इस द्वीप पर हवाई अड्डा बनाया गया है। 
  • बांगरम हट एक छोटे ट्रिड्राप आकार का द्वीप है, जो अगाती और कवरत्ती के करीब है। इस द्वीप पर बने पर्यटक रिसॉर्ट आंगतुकों के लिए सुकून का केंद्र होते हैं। 
  • कदमत 8 किमी लंबा और केवल 550 मीटर चौड़ा है। पश्चिम में सुंदर उथले लैगून हैं जो वॉटर स्पोर्ट के लिए आदर्श है तो वहीं पूर्व में एक संकरा लैगून है। मुख्य आकर्षण दक्षिणी सिरे पर लंबे रेतीले समुद्र तट और रेत के किनारे हैं। लैगून की ओर खड़े हुए ताड़ के पेड़ों के बीच बनाए गए पर्यटक झोपड़ियां प्राचीन सुंदरता में अलग ही अनुभूति देती हैं। 
  • कलपेनी का एक विशाल लैगून तैराकी, स्नोर्कलिंग, सेलबोटिंग और पैडल नौकाओं पर वॉटर स्पोर्ट लोगों के लिए पसंदीदा स्थान है।
  • कवरत्ती प्रशासन का मुख्यालय सबसे विकसित द्वीप है। इस द्वीप पर 52 मस्जिद फैले हुए हैं और उज्रा मस्जिद यहां की सबसे सबसे सुंदर जगह है। सुंदर और शांत लैगून वॉटर स्पोर्ट, तैराकी और स्नॉर्कलिंग के लिए एक आदर्श स्थान प्रदान करता है। सैलानी समुद्री एक्वैरियम का दौरा करते हैं, जिसमें जलीय नमूनों का उत्कृष्ट संग्रह मिलता है। डॉल्फिन डाइव सेंटर उन लोगों के लिए एक आकर्षण है, जो स्कूबा गोताखोरी से पसंद करते हैं। 
  • मिनिकॉय, द्वीप समूह के मुख्य समूह से अलग है और उत्तरी समूह के 200 किमी दक्षिण में स्थित है। यह 10.6 किमी लंबा है। मिनिकॉय में 11 गांवों का एक समूह है, जिसे 'अविह' कहा जाता है। मिनिकॉय अपने परंपरागत नृत्य लावा के लिए प्रसिद्ध है। वहीं 'जाधोनी' नामक रंगीन दौड़ वाली नावें पर्यटकों की आंखों के लिए एक सुकून होती हैं। ब्रिटिश काल में 1885 में बनाया गया एक 300 फुट लंबा लाइटहाउस एक शानदार जगह है। 

36 द्वीपों का समूह लक्षद्वीप - फोटो : Lakshadweep UT
यहां कैसे पहुंचा जा सकता है? 
कोच्चि से संचालित होने वाली जहाजों और उड़ानों से आप लक्षद्वीप तक पहुंच सकते हैं। सभी पर्यटकों के लिए कोच्चि लक्षद्वीप का द्वार मार्ग है। कोच्चि से आगे की उड़ानें भारत और विदेशों में अधिकतर हवाई अड्डों के लिए उपलब्ध हैं। हवाई पट्टी केवल अगाती द्वीप में है। अगाती तक की उड़ान का समय लगभग डेढ़ घंटे है।

सात यात्री जहाज कोच्चि और लक्षद्वीप के बीच चलते हैं, जिनमें एमवी कवारत्ती, एमवी अरबियन सी, एमवी लक्षद्वीप सी, एम वी लैगून्स, एम वी कोरल्स, एमवी अमिंडीवि और एमवी मिनिकॉय शमिल हैं। द्वीपों की यात्रा के लिए 14 से 18 घंटे लगते हैं। यात्रा से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप लक्षद्वीप पर्यटन विभाग की वेबसाइट http://lakshadweeptourism.com पर विजिट कर सकते हैं। वहीं जहाज यात्रा टिकट के लिए http://lakport.nic.in विजिट करें।
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