मालदीव के नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए गए आपत्तिजनक बयानों के बाद शुरू विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर जहां इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) ने पर्यटन और व्यापार संघ से मालदीव को बढ़ावा देना बंद करने का आग्रह किया है तो दूसरी ओर मालदीव की टूरिज्म इंडस्ट्री ने भारत विरोधी टिप्पणियों को लेकर अपने ही नेताओं को लताड़ लगाई है।
इस विवाद के बीच कई टूर ऑपरेटर्स ने द्वीपीय देश के लिए सेवा बंद करने का एलान कर दिया है। इसके बजाय ऑपरेटर्स ने लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही है। उधर लोगों ने भी इंटरनेट पर लक्षद्वीप सर्च करना शुरू कर दिया है।
आइए जानते हैं कि आखिर मालदीव और लक्षद्वीप की भौगोलिक स्थिति क्या है? दोनों जगहों के पर्यटन में क्या-क्या है? यहां कैसे पहुंचा जा सकता है? कौन सी जगह ज्यादा अच्छी है?
मालदीव
मालदीव मलयालम शब्द है जिसका मतलब होता है द्वीपों की माला। यह हिंद महासागर में स्थित एक द्वीप देश है। इसे मालदीव द्वीप समूह के नाम से भी जाना जाता है, जबकि इसका आधिकारिक नाम मालदीव गणराज्य है। द्वीप देश की भौगोलिकता देखें तो यह मिनिकॉय आईलैंड और चागोस द्वीपसमूह के बीच 26 प्रवाल द्वीपों की एक दोहरी चेन है। मालदीव का फैलाव भारत के लक्षद्वीप टापू की उत्तर-दक्षिण दिशा में है। भारत के पश्चिम तट से मालदीव की दूरी 300 नॉटिकल मील है। मालदीव जनसंख्या और क्षेत्र दोनों ही प्रकार से एशिया का सबसे छोटा देश है। इसकी आबादी महज 5,15,122 है।
यहां कैसे पहुंचा जा सकता है?
भारत और मालदीव के बीच प्रति सप्ताह 58 उड़ानें हैं। इनमें से मालदीव प्रति सप्ताह 10 उड़ानें संचालित करता है। पहले भारत की ओर से एयर इंडिया और स्पाइसजेट की ही उड़ानें थीं। 2018 के बाद गो एयर ने माले के लिए उड़ानें शुरू कीं। इसके बाद इंडिगो और विस्तारा ने भी अपने सेवाएं शुरू कर दीं।
एयर इंडिया की सेवा माले को मुंबई और दिल्ली से जोड़ती है, जबकि सहयोगी कंपनी विस्तारा मुंबई और दिल्ली से उड़ान भरती है। इंडिगो चार शहरों से रोजाना की सेवा मुहैया करता है जिनमें बंगलूरू, मुंबई, दिल्ली और कोच्चि शामिल है। इसके अलावा इंडिगो की फ्लाइट हैदराबाद से सप्ताह में तीन बार माले का सफर तय करती है। वहीं दूसरी ओर मालदीव की कंपनियां माले से बंगलूरू, त्रिवेंद्रम और कोच्चि तक उड़ानें संचालित करती हैं।
अब बात करते हैं लक्षद्वीप के बारे में...
भूगोल
भारत का सबसे छोटा संघ राज्यक्षेत्र लक्षद्वीप एक द्वीपसमूह है, जिसमें 36 द्वीप हैं। मलयालम और संस्कृत में लक्षद्वीप का नाम ‘एक लाख द्वीप’ है। यह एक जिले के साथ-साथ एक संघ राज्य क्षेत्र भी है। लक्षद्वीप में 12 एटोल, तीन रीफ, पांच जलमग्न बैंक और दस बसे हुए द्वीप हैं। 32 वर्ग किमी क्षेत्र वाले लक्षद्वीप की राजधानी कवरत्ती है, जो इसका प्रमुख शहर भी है। सभी द्वीप केरल के तटीय शहर कोच्चि से 220 से 440 किमी दूर, पन्ना अरब सागर में स्थित हैं।
पूरे लक्षद्वीप का क्षेत्रफल 32.69 वर्ग किमी है। 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की आबादी 64,473 है। केंद्र शासित प्रदेश की साक्षरता दर 91.82% है।
36 द्वीपों का समूह लक्षद्वीप
- फोटो : Lakshadweep UT
यहां कैसे पहुंचा जा सकता है?
कोच्चि से संचालित होने वाली जहाजों और उड़ानों से आप लक्षद्वीप तक पहुंच सकते हैं। सभी पर्यटकों के लिए कोच्चि लक्षद्वीप का द्वार मार्ग है। कोच्चि से आगे की उड़ानें भारत और विदेशों में अधिकतर हवाई अड्डों के लिए उपलब्ध हैं। हवाई पट्टी केवल अगाती द्वीप में है। अगाती तक की उड़ान का समय लगभग डेढ़ घंटे है।
सात यात्री जहाज कोच्चि और लक्षद्वीप के बीच चलते हैं, जिनमें एमवी कवारत्ती, एमवी अरबियन सी, एमवी लक्षद्वीप सी, एम वी लैगून्स, एम वी कोरल्स, एमवी अमिंडीवि और एमवी मिनिकॉय शमिल हैं। द्वीपों की यात्रा के लिए 14 से 18 घंटे लगते हैं। यात्रा से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप लक्षद्वीप पर्यटन विभाग की वेबसाइट
http://lakshadweeptourism.com पर विजिट कर सकते हैं। वहीं जहाज यात्रा टिकट के लिए
http://lakport.nic.in विजिट करें।