अपने सुधार संबंधी कदमों को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं से घिरे लक्षद्वीप प्रशासन ने गुरुवार को कहा कि वह द्वीपसमूह के भविष्य के लिहाज से योजनाबद्ध तरीके से बुनियाद रख रहा है। प्रशासन ने कहा कि वह दो दशक में इसे मालदीव की तर्ज पर विकसित करना चाहता है।
इस तरह के कदमों को लक्षद्वीप की जनता को विश्वास में लिए बिना उठाने के आरोपों को खारिज करते हुए जिलाधिकारी एस असकर अली ने कहा कि निहित स्वार्थ वाले और अवैध कारोबार में संलिप्त लोग प्रशासन के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं। अली ने कहा, ‘लक्षद्वीप बहुत शांति वाली जगह है। यह शांतिपूर्ण रहेगी।’
यहां असामाजिक गतिविधि रोकथाम अधिनियम (पासा) लागू करने के फैसले को उचित ठहराते हुए अधिकारी ने कहा कि ऐसा ड्रग्स तस्करी और बच्चों के साथ बढ़ते यौन उत्पीड़न के मामलों को रोकने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा, ‘जब हम पूरी तरह से इस जगह को विकसित करने की योजना बना रहे हैं तो हम कानून व्यवस्था के मोर्चों पर समझौता नहीं कर सकते।’
राहुल गांधी ने कहा मनमाना आदेश वापस लिया जाए
वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लक्षद्वीप में मसौदा नियमन को लेकर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि वह इस मामले में दखल दें और यह सुनिश्चित करें कि इस केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक प्रफुल्ल खोड़ा पटेल के आदेशों को वापस लिया जाए।
राहुल गांधी ने यह आरोप भी लगाया कि पटेल की ओर से मनमाना ढंग से किए गए संशोधनों और घोषित ‘जन विरोधी नीतियों’ के कारण लक्षद्वीप के लोगों के भविष्य को खतरा पैदा हो गया है। कांग्रेस नेता ने लक्षद्वीप में विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए पत्र में कहा, ‘लक्षद्वीप विकास प्राधिकरण नियमन का मसौदा इस बात का सबूत है कि प्रशासक की ओर से लक्षद्वीप की पारिस्थितिकी शुचिता को कमतर करने का प्रयास किया जा रहा है।’
केरल विधानसभा में पारित हो सकता है यह प्रस्ताव
वहीं लक्षद्वीप के लोगों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हुए केरल विधानसभा द्वारा संयुक्त प्रस्ताव पारित किए जाने की संभावना है। लक्षद्वीप के प्रशासक के हाल के कदमों की कड़ी आलोचना हुई है।