एक महिला सैन्य अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट में अपने तबादले को चुनौती दी है। महिला अधिकारी का कहना है कि दो वर्षीय बच्ची की कामकाजी मां का तबादला ऐसी जगह नहीं किया जा सकता, जहां उनकी देखभाल व क्रेच की सुविधा न हो। उन्होंने कहा कि सेना को राष्ट्रीय बाल नीति, 2013 के अनुपालन का निर्देश दिया जाय।
लेफ्टिनेंट कर्नल अनु डोगरा ने 24 नवंबर और 29 दिसंबर के उस आदेश को निरस्त करने की मांग की है, जिनमें तबादले के खिलाफ दाखिल उनके आवेदन को खारिज कर दिया गया था। महिला सैन्य अधिकारी का तबादला जोधपुर से किसी दूसरी जगह कर दिया गया है।
अनु की वकील ऐश्वर्या भाटी द्वारा दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि तबादला उन्हें प्रताड़ित करने के लिए किया गया है। महिला के पति भी जोधपुर में ही कार्यरत हैं। याचिका में महिला अधिकारी ने कहा है कि इतनी कम उम्र में बच्ची की अनदेखी से उसके दिमाग पर असर पड़ा है। इससे उनका काम भी प्रभावित हुआ है।