कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देशभर में लॉकडाउन लगा है। देश इस महामारी से निकलने के लिए जूझ रहा है। लोग घरों में बंद हैं। ऐसे में भोपाल शहर की सफाई की जिम्मेदारी संभाले अशरफ अली ने जज्बे की मिशाल पेश की है।
बुधवार की सुबह अशरफ की मां का निधन हो गया। दोपहर में उन्हें सुपुर्दे खाक करने के बाद वो शाम को अपनी ड्यूटी पर लौट आया। अपनी मां को आखिरी बार विदा करने के दो घंटे बाद ही अशरफ अपने काम पर तैनात था। जब उसके वरिष्ठ अफसरों को इस बात का पता चला तो उन्होंने अशरफ को घर लैटने को कहा।
उन्होंने कहा कि वो फिलहाल घर की जिम्मेदारी संभाले, लेकिन अशरफ ने घर लौटने से इनकार करते हुए कहा कि 'यह जिम्मेदारी ज्यादा बड़ी है'। मूल रूप से जलकार्य विभाग के कर्मचारी अशरफ पिछले कुछ सालों से सीवेज वाहनों के प्रभारी हैं।
कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए सैनिटाइज करने के लिए अभियान चल रहा। अशरफ अली इसकी जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। बुधवार सुबह मां का निधन होने पर उन्होंने किसी अफसर को जानकारी नहीं दी। फोन पर व्यवस्थाएं संभालते रहे।
शाम चार बजे अपर आयुक्त राजेश राठौड़ उनसे फील्ड पर मिले, तब उन्हें इस बात की जानकारी मिली। राजेश राठौड़ ने अशरफ को घर लौट जाने को कहा, लेकिन अशरफ ने इनकार कर दिया। राठौड़ ने आयुक्त बी विजय दत्ता को इसकी जानकारी दी। राठौड़ ने कहा कि निगम प्रशासन अशरफ को सम्मानित करेगा।
खुद भी रखें सफाई का ध्यान
सफाई का निगरानी कर रहे जयप्रकाश खरे कहते हैं कि सफाई-कर्मियों से बोला है कि वे सफाई के साथ अपना भी ख्याल रखें। निगम के एडिशनल कमिश्नर राजेश राठौड़ कहते हैं कि लोग अपने स्तर पर सफाई का ख्याल रखें व कर्मियों को चाय-पानी उपलब्ध कराएं।
जब पूरा देश घरों में बंद होने के बावजूद ना जाने कितने बार अपने हाथ धो रहा है। ऐसे माहौल में सफाई कर्मचारी आपके और हमारे लिए अपनी परवाह किए बगैर अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद है। सभी सफाई कर्मचारियों को सलाम।