जल विभाग के प्रमुख का बयान
हालांकि नगर निगम के जल आपूर्ति विभाग के प्रमुख ने बताया कि पानी की गुणवत्ता की जांच की गई और कुएं का पानी ठीक पाया गया, लेकिन कुछ घरों में निजी टैंकरों या ओवरहेड टैंकों के पानी में क्लोरीन की कमी थी। इसके अलावा, कुछ पानी के नमूनों में ई-कोली बैक्टीरिया भी पाए गए, जिससे टैंकर ऑपरेटरों को नोटिस जारी किया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब जीबीएस के मामलों में गिरावट देखी जा रही है और प्रकोप को नियंत्रित किया जा रहा है।
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने दी थी जानकारी
गौरतलब है कि महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर ने हाल ही में यह बताया था कि पुणे में जीबीएस के संदिग्ध 80 प्रतिशत मामले नांदेड़ के बड़े कुएं के आसपास के क्षेत्रों से सामने आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन मामलों की उच्च संख्या जल संदूषण से जुड़ी हुई हो सकती है, जिससे यह और भी चिंता का कारण बन गया है।