मुखर्जी की तारीफ करते हुए आडवाणी ने अपने संबधों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि आरएसएस के न्योते को स्वीकार कर पूर्व राष्ट्रपति ने अपने बेहतरीन व्यवहार का परिचय दिया है।
उन्होंने प्रणब की तारीफ में कसीदे पढ़ते हुए कहा कि उनके सार्वजनिक जीवन का लंबा अनुभव और उनके अपने स्वभाव ने मिलकर उन्हें एक ऐसा स्टेट्समैन बना दिया है जो यह मानता है कि वैचारिक मतभेदों और राजनीतिक पृष्ठभूमि अलग होने के बाद भी लोगों के बीच संवाद और सहयोग बहुत जरूरी है।
बता दें कि जबसे पूर्वव राष्ट्रपति ने आरएसएस के कार्यक्रम में जाने का न्योता स्वीकार किया था तभी से उनकी पार्टी में जहां काफी विरोध हो रहा थालेकिन उनके भाषण के बाद कांग्रेस के नेताओं ने भी उनकी तारीफ की है। अपने भाषण में उन्होंने असहिष्णुता
आपको बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति के आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता स्वीकार करने के बाद देश में बहस छिड़ गई थी। कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रणव मुखर्जी पर निशाना भी साधा था। हालांकि उनके संबोधन के बाद कांग्रेस काफी सुकून महसूस कर रही है और पी. चिदंबरम जैसे कई कांग्रेसी नेताओं ने प्रणब के भाषण की सराहना भी की है। मुखर्जी ने अपने भाषण में घृणा और असहिष्णुता पर जो अपनी बात रखी वह काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद को जाति या धर्म से बंधे नहीं है।