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आडवाणी ने की प्रणब की तारीफ, कहा- आरएसएस मुख्यालय जाना इतिहास की महत्वपूर्ण घटना

Sat, 09 Jun 2018 06:17 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एल के आडवाणी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्यालय जाने को ऐतिहासिक घटना बताया है। आडवाणी ने प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद पर उनका संबोधन देश के लिए समकालीन इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी द्वारा आरएसएस और उसके प्रमुख मोहन भागवत के न्योते को स्वीकार करने की आडवाणी ने जमकर प्रशंसा की है। 

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आजीवन स्वयंसेवक और बीजेपी के दिग्गज नेता ने कहा कि मुखर्जी और भागवत ने वैचारिक संबद्धताओं और मतभेदों से आगे बढ़कर संवाद का एक प्रशंसनीय उदाहरण पेश किया है। 

उन्होंने आगे कहा कि दोनों ने भारत की एकता को ध्यान में रखकर उसे आगे बढ़ाया है जो विविधताओं का सम्मान करती है और इसमें धार्मिक बहुलता शामिल है  लंबे समय तक भाजपा अध्यक्ष रहे आडवाणी ने कहा कि भागवत के नेतृत्व में संघ ने देश के विभिन्न वर्गों में विस्तार और संवाद के जरिए गंभीर प्रयास किए हैं जिसकी प्रशंसा की जानी चाहिए।
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 उन्होंने कहा हमारा देश जिस तरह के दौर से गुजर रहा है ऐसे में एक प्रणब का आरएसएस मुख्यालय जाना और दूसरे के प्रति सम्मान की भावना के साथ खुला संवाद निश्चित ही सहिष्णुता, सद्भाव और सहयोग का माहौल पैदा करने में मदद करेगा, इन दिनों इस तरह के संवाद की देश को काफी जरूरत है।' 

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मुखर्जी की तारीफ करते हुए आडवाणी ने अपने संबधों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि आरएसएस के न्योते को स्वीकार कर पूर्व राष्ट्रपति ने अपने बेहतरीन व्यवहार का परिचय दिया है।  
 
उन्होंने प्रणब की तारीफ में कसीदे पढ़ते हुए कहा कि उनके सार्वजनिक जीवन का लंबा अनुभव और उनके अपने स्वभाव ने मिलकर उन्हें एक ऐसा स्टेट्समैन बना दिया है जो यह मानता है कि वैचारिक मतभेदों और राजनीतिक पृष्ठभूमि अलग होने के बाद भी लोगों के बीच संवाद और सहयोग बहुत जरूरी है।

बता दें कि जबसे पूर्वव राष्ट्रपति ने आरएसएस के कार्यक्रम में जाने का न्योता स्वीकार किया था तभी से उनकी पार्टी में जहां काफी विरोध हो रहा थालेकिन उनके भाषण के बाद कांग्रेस के नेताओं ने भी उनकी तारीफ की है। अपने भाषण में उन्होंने असहिष्णुता 
 
आपको बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति के आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता स्वीकार करने के बाद देश में बहस छिड़ गई थी। कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रणव मुखर्जी पर निशाना भी साधा था। हालांकि उनके संबोधन के बाद कांग्रेस काफी सुकून महसूस कर रही है और पी. चिदंबरम जैसे कई कांग्रेसी नेताओं ने प्रणब के भाषण की सराहना भी की है। मुखर्जी ने अपने भाषण में घृणा और असहिष्णुता पर जो अपनी बात रखी वह काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद को जाति या धर्म से बंधे नहीं है। 
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