कुशीनगर के दुदही बाजार में डिवाइन मिशन स्कूल है। इस निजी स्कूल में आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थी पढ़ते हैं। गुरुवार की सुबह वैन में 18 विद्यार्थियों को बैठाकर ड्राइवर स्कूल ले जा रहा था। वैन जब बहपुरवा मानवरहित क्रासिंग के पास पहुंची तभी सीवान से गोरखपुर आ रही पैसेंजर ट्रेन (55075) आ गई।
रेल लाइन के दोहरीकरण होने की वजह से ट्रेन की स्पीड ज्यादा थी, इस कारण वैन उसकी चपेट में आ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वैन ट्रेन के इंजन से टकराई और करीब सौ मीटर तक घिसटती रही फिर ट्रैक किनारे गड्ढे में पलट गई। बड़ा हादसा देख आसपास के लोग वहां पहुंचे और बचाव जुट गए। थोड़ी देर में पुलिस भी आ गई, फिर वैन में फंसे विद्यार्थियों को निकालने का सिलसिला शुरू हुआ। कड़ी मशक्कत के बाद वैन से विद्यार्थी बाहर निकाले गए तो 13 की जान जा चुकी थी। पांच अन्य व ड्राइवर की हालत गंभीर थी। आनन-फानन में घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में घायलों का इलाज चल रहा है। चिकित्सकों की मुताबिक ज्यादातर विद्यार्थियों की हालत गंभीर है। स्कूली वैन ड्राइवर की हालत ज्यादा गंभीर है। बड़े हादसे के बाद दुदही बाजार में शोक की लहर है। क्षेत्रवासी स्तब्ध और डरे हुए हैं।
नाराज लोगों ने बाजार बंद करके रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। क्षेत्रवासियों की मांग थी कि बहपुरवा रेलवे ट्रैक के पास मानवसहित क्रासिंग बनाई जाए। इस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में लोग और विद्यार्थी आते-जाते हैं।
गंभीर रूप से घायलों का गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज
घटना में गंभीर रूप से घायलों का इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में चल रहा है। कुशीनगर में दुर्घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज में अलर्ट घोषित कर दिया गया। साथ ही सात बेड आरक्षित कर दिए गए। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन और एसएसपी शलभ माथुर भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। घायलों के इलाज की जानकारी ली। चिकित्सकों के मुताबिक कुछ विद्यार्थियों की हालत बेहद गंभीर है।
ट्रेन से टकराने वाली वैन में सवार रहे और बीआरडी मेडिकल कॉलेज लाए गए घायल छात्र कृष्णा ने बताया कि चालक ईयरफोन लगाकर वैन चला रहा था। घटना के समय भी वह किसी से बात कर रहा था। कृष्णा के मुताबिक ट्रेन तेज गति से आ रही थी। यह सभी बच्चों ने देखा और चालक से वैन रोकने की अपील भी की लेकिन चालक ने नहीं सुना। बच्चे चिल्लाते रहे और वह वैन को लेकर रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। वैन का पंजीकरण भी आरटीओ में नहीं है। बिना नंबर प्लेट के ही चलाई जा रही थी।
छोटी वैन और ड्राइवर सहित 19 विद्यार्थी सवार
ट्रेन से टकराने वाली स्कूली वैन में बमुश्किल 10 विद्यार्थी बैठ सकते थे लेकिन इसमें 18 विद्यार्थियों को ठूंसकर भरा गया था। ड्राइवर को भी मिला लिया जाए तो यह संख्या 19 हो जाएगी। ओवरलोडिंग की वजह से वैन का संतुलन बिगड़ा और जल्दी से ट्रैक पार न कर सकी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वैन का अगला पहिया ट्रैक के बाहर था लेकिन पिछला हिस्सा ट्रेन की चपेट में आ गया। ट्रेन की स्पीड ज्यादा थी, इस कारण वैन कुछ दूर साथ घिसटी फिर उछलकर दूर जा गिरी।
ग्राम प्रधान के तीन बच्चों की मौत
इस हादसे में कई परिवारों के घरों का चिराग बुझ गया। इसी वैन से मिश्रोली ग्राम पंचायत की महिला ग्राम प्रधान किरन देवी के तीन बच्चे जा रहे थे। प्रधान के पति अमरजीत ने दो बेटे और एक बेटी को वैन पर बैठाया और कुछ ही देर में मनहूस खबर आ गई। इस हादसे में अमरजीत के तीन बच्चों की मौत हुई है।
एक साथ कई मौतों से गांवों में मातम
हादसे में मयहिहरवा गांव के चार बच्चों की मौत हुई है। इससे गांव में चीख-पुकार मचा है। हर तरफ मातम है। बतरौली गांव के भी दो बच्चों की मौत हुई है। इससे सबका कलेजा फट गया है। मिश्रोली में तीन भाई और बहनों की लाश पहुंची तो कोहराम मच गया। हर कोई दहाड़े मारकर रोता दिखा।
संतोष, रवि और रागिनी (7) सभी पुत्र और पुत्री अमरजीत निवासी मिश्रोली
कमरूल (10) और गोलू (8) पुत्र हैदर अली निवासी पडरौन मड़ुरही
साजिदा (11) और तमन्ना (10) पुत्री हसन निवासी बतरौली
मिराज (8) और मुस्कान (7) पुत्र मैनुद्दीन मयहिहरवा
अतिउल्लाह (8) पुत्र नौशाद निवासी कोकिला पट्टी
मोहम्मद अरशद (9) पुत्र जहीर मयहिहरवा
अनस नरोड़ (8) पुत्र नजीर मयहिहरवा
हरिओम (8) पुत्र अंबर सिंह निवासी बतरौली
ये हैं घायल
कृष्णा (9), रोशनी शर्मा (10), कलीम (7) और ताहिन (8), समर (7) और ड्राइवर 25