आंध्र प्रदेश के कुरनूल में बीते शुक्रवार तड़के हुए दर्दनाक हादसे में एक पल में कई जिंदगियां राख हो गईं थी। कावेरी ट्रैवल्स की बस में अचानक लगी आग ने यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं दिया। इस हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत की मौत हुई थी। अब आंध्र प्रदेश पुलिस ने रविवार को पुष्टि की कि बेंगलुरु जा रही बस दुर्घटना में शामिल दोनों बाइक सवार व्यक्ति नशे में थे।
'दोनों बाइक सवार नशे में थे'
पुलिस के अनुसार, दुर्घटना में बाइक का ईंधन टैंक फट गया और बस में आग लग गई। फॉरेंसिक जांच से पता चला कि बाइक सवार सिवा शंकर और एरी स्वामी नशे में थे। हादसे से पहले दोनों ने ढाबा में खाना खाया था और स्वामी ने शराब पीने की बात स्वीकार की।
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कुरनूल पुलिस अधीक्षक विक्रांत पाटिल ने बताया कि दोनों बाइक सवार 2 बजे लैक्ष्मिपुरम गांव से तुग्गली गांव के लिए निकले थे। रास्ते में उन्होंने पेट्रोल भरा और वीडियो वायरल हुआ, जिसमें शंकर बाइक को लापरवाही से चला रहा था। बाइक स्किड हो गई, जिससे शंकर सड़क पर गिर गया और उसकी मौत हो गई। स्वामी ने उसे सड़क से हटाने की कोशिश की, लेकिन बस उसी समय सड़क पर आ गई और बाइक के ऊपर से गुजर गई, जिससे बस में आग लग गई। स्वामी हादसे के बाद डर के मारे अपने गांव चला गया, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की और हादसे की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई।
46 लाख का पार्सल बना जानलेवा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हैदराबाद के एक व्यापारी ने 234 स्मार्टफोन्स का एक पार्सल बस में रखवाया था। यह पार्सल बंगलूरू में ई-कॉमर्स कंपनी के पास जाना था, जहां से ये स्मार्टफोन्स ग्राहकों को डिलीवर होने थे। इन स्मार्टफोन्स की कीमत करीब 46 लाख रुपये थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब बस में आग लगी तो उन्होंने धमाके की आवाज सुनी। फोरेंसिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह धमाका स्मार्टफोन्स की बैटरियों के फटने से हुआ होगा। इससे तेजी से आग ने बस को अपनी चपेट में लिया और लोगों को बचने का मौका नहीं मिला। शुक्रवार को कुरनूल में हुए बस अग्निकांड में 19 लोगों की मौत हुई है।
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निजी बसों पर फिर उठे सवाल
गौरतलब है कि एनएच-44 पर हुई इस भीषण दुर्घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और अनधिकृत बस डिज़ाइन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अनधिकृत संशोधन न केवल यात्रियों की जान जोखिम में डालते हैं, बल्कि हर बड़े हादसे के पीछे एक नियामकीय विफलता को भी उजागर करते हैं।
तेलंगाना में निजी बसों की सुरक्षा जांच तेज
तेलंगाना परिवहन विभाग ने रविवार को निजी बसों पर सुरक्षा और फिटनेस नियमों के उल्लंघन को लेकर छापेमारी जारी रखी। अधिकारियों ने बताया कि 14 मामलों में केस दर्ज किए गए और कुल 46,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। यह कार्रवाई 24 अक्तूबर को आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में हुए बस आग हादसे के बाद शुरू की गई थी, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई थी। परिवहन मंत्री पोनम प्रभाकर ने निजी बस ऑपरेटर्स को चेताया कि वाहन फिटनेस और कानूनी नियमों का पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लगभग 500 इंटर-स्टेट निजी बसें प्रतिदिन हैदराबाद से चलती हैं।