उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर टिप्पणी के मामले में कुणाल कामरा और सुषमा अंधारे विधान परिषद की समिति के सामने पेश हुए। मुख्य शिकायतकर्ता प्रवीण दरेकर के न आने से सुनवाई 10 मार्च तक टल गई है।
स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा मंगलवार को महाराष्ट्र विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश हुए। यह मामला उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणी से जुड़ा है। शिवसेना (यूबीटी) नेता सुषमा अंधारे भी समिति के सामने हाजिर हुईं।
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दस मार्च को होगी अगली सुनवाई
हालांकि, समिति के अध्यक्ष प्रसाद लाड ने बताया कि मुख्य शिकायतकर्ता और भाजपा नेता प्रवीण दरेकर वहां मौजूद नहीं थे। इस वजह से सुनवाई अब 10 मार्च को शाम 4 बजे होगी। कामरा और अंधारे ने पत्रकारों को बताया कि शिकायतकर्ता के न होने से उनके बयान दर्ज नहीं किए गए। वे जानना चाहते थे कि उन पर असल में क्या आरोप लगे हैं। प्रसाद लाड के अनुसार, कामरा अपना बयान देने के लिए तैयार थे। लेकिन दोनों पक्षों की बात एक ही दिन सुनना सही रहता है। इसलिए दरेकर से बात करके नई तारीख तय की गई।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद पिछले साल शुरू हुआ था। कामरा ने एक पैरोडी गाने में एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा था। उन्होंने फिल्म 'दिल तो पागल है' के एक गाने का इस्तेमाल करके शिंदे की 2022 की बगावत का जिक्र किया था। कामरा ने उन्हें 'देशद्रोही' कहा था। सुषमा अंधारे ने इस मामले में कामरा का समर्थन किया था।
इसके बाद प्रवीण दरेकर ने दोनों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। इस विवाद के बाद कामरा के स्टूडियो में तोड़फोड़ भी हुई थी। शिवसेना की उस धमकी पर उनके रिएक्शन के बारे में पूछे जाने पर, जिसमें उन्हें मुंबई आने पर गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी गई थी, कामरा ने कहा कि वह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कामरा ने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें कहा गया था कि उन्होंने खुद सुनवाई टालने की मांग की थी।