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वीडियो: अमेरिका से आकर भारत में संन्यास लेने वाली साध्वी कुंभ में चला रही हैं टॉयलेट कैफेटेरिया

Mon, 21 Jan 2019 11:52 AM IST
kapil kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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कुंभ में आकर्षण बना टॉयलेट कैफेटेरिया - फोटो : ANI
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प्रयागराज में आयोजित पवित्र कुंभ मेले में कई आकर्षण हैं और इनमें से एक है 'टॉयलेट कैफेटेरिया'। कुंभ में करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं पवित्र संगम में स्नान करते हैं। ऐसे में यहां बनाया गया टॉयलेट कैफेटेरिया स्वच्छता का पाठ पढ़ा रहा है। इस कैफेटेरिया में कमोड जैसी कुर्सियां हैं जिस पर बैठकर लोग खाना खाते हैं। नाश्ता करते हैं और चाय-पानी पीते हैं।  साथ में अन्य लोगों को स्वच्छता का संदेश देते हैं। 

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इस टॉयलेट कैफेटेरिया को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की ग्रेजुएट अमेरिकी महिला ने शुरू किया है। वे बताती हैं कि वे 1996 में पहली बार भारत आई थीं और सबसे पहले ऋषिकेश गई। हिंदू धर्म- संस्कृति ने इतना प्रभावित किया कि उन्होंने संन्यास ले लिया। आज दुनिया उन्हें साध्वी भगवती सरस्वती के नाम से जानती है। 

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साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि कुंभ मेले की तैयारी ने उन्हें काफी प्रभावित किया। वह टॉयलेट कैफेटेरिया के जरिए स्वच्छता के प्रति जागरुकता का प्रचार कर रही हैं। कैफेटेरिया के सदस्य सुबह कचरा इकट्ठा करते हैं। 

अर्जेंटीना की ग्रेस भी टॉयलेट कैफेटेरिया के लिए काम कर रही हैं। ग्रेस ने बताया कि गंदगी पूरी दुनिया की समस्या है। स्वच्छता अभियान के लिए प्रयागराज कुंभ एक बेहतर जगह है। इस भक्तिमय वातारण में हम स्वच्छता का संदेश लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। लोग भी हमारी बातों को गंभीरता से सुन रहे हैं और उस पर अमल करने की कोशिश कर रहे हैं। 

बता दें कि यूपी सरकार ने 'स्वच्छ कुंभ, सुरक्षित कुंभ' का नारा दिया है। सरकार ने कुंभ मेले में 1.22 लाख टॉयलेट बनवाए हैं। 20 हजार से ज्यादा स्वच्छता कर्मी लगाए गए हैं। सफाई का बजट 234 करोड़ रुपए है। 

कौन हैं साध्वी भगवती

अमेरिकी परिवार में पली-बढ़ीं साध्वी भगवती सरस्वती ने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली। उन्होंने पीएचडी भी की है। साल 1996 में अपनी पीएचडी के दौरान वे अमेरिका में भारत चली आईं और ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन आश्रम में रहने लगीं। वे यहां पिछले 20 सालों से रह रही हैं और लगातार धार्मिक कार्य करती हैं। 
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साल 2000 में साध्वी भगवती सरस्वती ने आधिकारिक तौर पर संन्यास लिया। उन्होंने स्वामी चिदानंद सरस्वती से दीक्षा ली थी। साध्वी भगवती कई धार्मिक मंचों से भाषण दे चुकी हैं। वहीं उन्होंने अमेरिका में भी कई कॉन्फ्रेंस में भाषण दिया है। साध्वी भगवती सरस्वती परमार्थ में होने वाले सालाना विश्व विख्यात अंतरराष्ट्रीय योगा फेस्टिवल की भी निदेशक हैं। 

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