कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस के नेता कुमारस्वामी ने कर्नाटक सरकार पर बड़े आरोप लगाए हैं। उन्होंने शनिवार को दावा करते हुए कर्नाटक में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस के नेता कुमारस्वामी ने कर्नाटक सरकार पर बड़े आरोप लगाए हैं। उन्होंने शनिवार को दावा करते हुए कर्नाटक में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि जिस मंत्री पास धन की कोई कमी नहीं है, वह भी विभाग में तैनाती के लिए 10 से 15 लाख रुपये मांग रहा है। यह सुनकर मैं स्तब्ध हूं।
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पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि वह बेंगलुरु-मैसुरु इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर (बीएमआईसी) परियोजना, जिसके प्रवर्तक नंदी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर इंटरप्राइसेज (एनआईसीई)हैं, में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़े सभी दस्तावेज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को व्यक्तिगत रूप से देंगे।
आगे कुमारस्वामी ने कहा कि इस राशि की गणना नहीं की जा सकती है। एक सत्र में सभी विभागों में भ्रष्टाचार एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। इसकी कोई गिनती नहीं है। एक ही पद के लिए तीन से चार स्थानांतरण आदेश जारी किए जाते हैं। यह मामला ऐसा है जिसमें पैसा भी चला जाता है और कई अधिकारियों का का पैसा देने के बाद भी पोस्टिंग नहीं होती। मैं अकेले नहीं कह रहा बल्कि अधिकारी खुलेआम कह रहे हैं।
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कुमारस्वामी ने एक सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की। उनसे पूछा गया था कि राज्य के सभी विभागों में स्थानांतरण और पोस्टिंग का स्तर इस समय क्या है। जब कुमारस्वामी से पूछा गया कि वह एनआईसीई मुद्दे पर कब प्रधानमंत्री से मिलेंगे तो उन्होंने कहा कि मैं उनसे समय मांगा है। गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े कई दस्तावेज और सबूत हैं मैं उन्हें सौंपने के लिए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से समय मांगा है।
हाल ही में, कुमारस्वामी ने भाजपा नेता बसवराज बोम्मई के साथ कांग्रेस सरकार से एनआईसीई परियोजना को अपने कब्जे में लेने और न्यायिक जांच का आदेश देने का आग्रह किया था। एनआईसीई पर बीएमआईसी परियोजना को लागू करते समय सरकार के साथ फ्रेमवर्क समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।