कलकत्ता हाईकोर्ट ने नदिया जिले के कल्याणी एम्स में पोस्टमार्टम के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा नहीं होने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को फटकार लगाई है। कोर्ट ने पूछा-छात्रों को क्या सिखा रहे। साथ ही कहा कि दिल्ली एम्स की तरह नहीं तो ऋषिकेश एम्स की तरह संरचना बनाई जा सकती है। इसके लिए दिसंबर 2025 तक की समय सीमा भी तय कर दी है।
कल्याणी एम्स में पोस्टमार्टम सुविधा नहीं हाईकोर्ट ने पूछा-छात्रों को क्या सिखा रहे
जस्टिस तीर्थंकर घोष की पीठ ने मंगलवार को जयनगर के कुलतली की पीड़िता के परिवार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। परिवार ने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम किसी केंद्रीय अस्पताल में कराने की याचिका दायर की थी। लेकिन पहले कमांड अस्पताल ने बताया कि उसके पास जरूरी सुविधा नहीं और फिर कल्याणी एम्स ने भी यही बात कही थी।
इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर कल्याणी के जेएनएम अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया, जिसमें बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न और गला घोंटकर हत्या की बात सामने आई है। हाईकोर्ट ने आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए 31 दिसंबर 2025 तक का समय दिया है। ब्यूरो
पीठ ने पूछा-अस्पताल के ऐसे हालात क्यों है
जस्टिस घोष ने केंद्र की ओर से पेश वकील से पूछा कि कल्याणी एम्स की यह ‘हालत’ क्यों है। क्या अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर है। न्यायाधीश ने कहा कि जिस एम्स में एमबीबीएस की पढ़ाई हो रही है वहां अगर पोस्टमार्टम के लिए आवश्यक सुविधा नहीं है तो छात्रों को क्या सिखाया जा रहा है। क्या वहां के छात्र पोस्टमार्टम करना सीखे बिना ही डॉक्टर बन रहे हैं।
बंगाल सरकार ने एसआईटी का गठन किया
इस बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी का नेतृत्व बरुईपुर एसपी पलाश चंद्र ढाली करेंगे। अब तक पुलिस ने मामले के सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। दरअसल, 5 अक्तूबर को हुई इस घटना के बाद पूरे राज्य में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें स्थानीय लोगों ने वाहनों को आग लगा दी। एक पुलिस चौकी में भी तोड़फोड़ की गई। घटना में लड़की का शव तालाब में पाया गया था।