कुलभूषण जाधव की उनकी मां और पत्नी से मुलाकात के पीछे पाकिस्तान ने बेशक इंसानियत की दलील दी हो लेकिन हकीकत ये है कि इस मुलाकात के बहाने एक बार फिर पाकिस्तान का अमानवीय चेहरा सामने आ गया।
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जिस तरह एक मां और बेटे की मुलाकात के बीच बीच में शीशे की दीवार का पहरा खड़ा किया गया उससे हर तरफ पाकिस्तान की थू थू हो रही है। अपनी इन्हीं खामियों को छुपाने के लिए पाकिस्तान एक के बाद एक कई झूठ बोलता रहा, लेकिन हर बार उसका झूठ बेनकाब होता रहा। आइए आपको रूबरू कराते हैं कुछ ऐसे ही झूठों से जिनके पीछे छुपकर पाकिस्तान अपनी खाल बचाने का प्रयास करता रहा।
शीशे की दीवार के नाम पर सुरक्षा का बहाना
पाक का सबसे बड़ा झूठ उस समय दिखा जब उससे इस मुलाकात के दौरान शीशे की दीवार पर सवाल पूछा गया। पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने दलील दी कि सुरक्षा कारणों के कारण ऐसा किया गया। सवाल उठता है किसकी सुरक्षा, कुलभूषण की... तो किससे? क्या उसकी मां और पत्नी से? या फिर मां और पत्नी की सुरक्षा.... कुलभूषण से। और वो भी इतनी कड़ी सुरक्षा के बीच जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता।
kulbhushan jadhav
राजनयिक पहुंच पर भी पलटता रहा रुख
इस मुलाकात के दौरान सबसे बड़ा सवाल था कि क्या पाकिस्तान ने इसमें राजनयिक पहुंच की अनुमति भी दी है। पाक के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ अब्बास ने बयान भी दिया था कि मुलाकात के दौरान पाकिस्तान कुलभूषण को राजनयिक छूट की अनुमति भी दे रहा है, लेकिन पाक के इस झूठ पर भारत ने आपत्ति की तो उसका रुख तुरंत पलट गया। पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ कहा कि राजनयिक छूट नहीं इंसानियत का मामला है।
इसीलिए भारतीय उच्चायुक्त जेपी सिंह को कुलभूषण से मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई। असल में अगर ये राजनयिक छूट का मामला होता तो इसे पाकिस्तान के बैकफुट पर आने की तरह देखा जाता।
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जिन्ना के नाम पर किया इंसानियत का दिखावा
कुलभूषण से उनकी मां और पत्नी की मुलाकात को पाकिस्तान ने इंसानियत का नाम दिया, बकौल पाक अधिकारी उन्होंने इसीलिए 25 दिसंबर का दिन चुना जो पाक के कायदे आजम मुहम्मद अली जिन्ना का जन्मदिन भी है। लेकिन पाक ने इस मुलाकात के दौरान कोई इंसानियत नहीं दिखाई, न मां बेटे को गले लगा सकी न पत्नी पति को छू सकी। मुलाकात हुई तो शीशे के पार और बात हुई तो इंटरकॉम से। साफ था कि यह सीधे सीधे वाहवाही बटोरने की कवायद थी।
- फोटो : SELF
कोट पैंट के बहाने छुपाई अपनी हैवानियत
कुलभूषण को उनकी मां और पत्नी से मिलाने के दौरान पाकिस्तान ने पूरी तैयारी की थी, इसके लिए बकायदा कुलभूषण को कोट पैंट पहनाकर लाया गया था, जिससे लगे कि यहां उन्हें कोई दिक्कत नहीं होने दी जा रही। लेकिन सूट के पीछे भी पाकिस्तान का झूठ छुप न सका, कुलभूषण का शरीर गवाही दे रहा था कि उन पर खूब जुल्म किए जा रहे हैं, उनके कान और सिर पर चोट के निशान भी दिखाई दिए।
मुलाकात के दौरान 47 साल के कुलभूषण किसी 60-65 साल के बुजुर्ग जैसे दिखाई दे रहे थे। कुलभूषण के दोस्तों ने भी उनकी तस्वीर देखकर यही बात कही कि वो उम्र से काफी ज्यादा बड़े दिख रहे थे।
मुलाकात के बाद तुंरत जारी किया धन्यवाद का वीडियो
कुलभूषण के मुद्दे पर पाकिस्तान वाहवाही बटोरने की इतनी जल्दी में था कि मुलाकात के तुरंत बाद ही प्रेस कान्फ्रेंस में एक वीडियो जारी कर दिया गया, जिसमें कुलभूषण अपने परिवार से मुलाकात के लिए पाकिस्तान का धन्यवाद कह रहे हैं। लेकिन वीडियो देखकर साफ था कि यह प्री रिकोर्डेड है और उसकी स्क्रिप्ट पहले ही तैयार कर ली गई थी।