फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुलभूषण जाधव मामला: पाकिस्तान ने बोला झूठ पर झूठ, हर बार खुली पोल

Wed, 17 Jul 2019 04:11 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
कुलभूषण जाधव (फाइल फोटो)
विज्ञापन

भारत-पाकिस्तान के बीच विवादों की किताब में आज का दिन एतिहासिक साबित हुआ। अंतरराष्ट्रीय अदालत ने कुलभूषण जाधव की सजा पर रोक लगाते हुए पाकिस्तान को आदेश दिया है कि वह जाधव को दी गई मौत की सजा की समीक्षा करे और काउंसलर एक्सेस की सुविधा उपलब्ध कराए। 

विज्ञापन


हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) में अब तक हुई सुनवाई के दौरान भारत की दलीलों के आगे पाकिस्तान लाचार ही नजर आया। इस दौरान पाकिस्तान ने कई बार झूठ का सहारा भी लिया, हालांकि समय के साथ उसके झूठ की परतें खुल ही गईं। आइए जानते हैं कि पूरे मामले में पाकिस्तान ने कब-कब बोला झूठ। 

पहला झूठ : दक्षिण बलूचिस्तान से किया गिरफ्तार

कुलभूषण जाधव को तीन मार्च 2016 को गिरफ्तार किया गया था। 24 मार्च को पाक की सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया कि भारतीय जासूस जाधव को दक्षिणी बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया है। भारत ने पाक के दावे को सिरे से खारिज कर दिया था। भारत ने कहा था कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ईरान में कारगो कारोबार का मालिकाना हक रखने वाले भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव को बलूचिस्तान में गिरफ्तार किया गया था। 

दूसरा झूठ : अंतरराष्ट्रीय अदालत में कहा जाधव के खिलाफ सबूत हैं

जब यह मामला अंतरराष्ट्रीय अदालत में पहुंचा तो आईसीजे ने जाधव की फांसी पर रोक लगा दी। इस पर 29 मई 2017 को पाकिस्तान ने दावा किया कि उसके पास जाधव के खिलाफ नए सबूत हैं। पाक विदेश कार्यालय ने कहा कि जाधव ने पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों से संबंधित खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान किया है। हालांकि यह भी पाकिस्तान के झूठ के पुलिंदे का एक और झूठ ही निकला। पाकिस्तान यह कभी साबित नहीं कर पाया कि जाधव ने ऐसी कोई जानकारी कहीं पहुंचाई थी। 

तीसरा झूठ : जाधव ने विध्वसंक गतिविधियों में हाथ होने की बात मानी

22 जून 2017 को कुलभूषण जाधव मे पाक सैन्य प्रमुख के समक्ष दया याचिका दायर की थी। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल गफूर ने दावा किया था कि जाधव ने अपनी दया याचिका में स्वीकार किया है कि वह बलूचिस्तान में विध्वंसक गतिविधियों में शामिल था। हालांकि, पाकिस्तानी सेना का यह दावा भी पहले की तरह ही झूठा निकला। पाकिस्तान न तो कभी यह साबित कर पाया कि जाधव का ऐसी किसी घटना से संबंध था और न ही दया याचिका किसी के सामने आई। 

इतने से ही नहीं माना पाक, नापाक हरकतें लगातार जारी रहीं

पहले तो पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव के मामले में एकतरफा कार्रवाई की और जबरन बयान दर्ज करवा कर उसे फांसी की सजा सुना दी। भारत ने इस दौरान करीब 20 बार कुलभूषण से मिलने की इजाजत मांगी, लेकिन पाकिस्तान ने हर बार इसे अनसुना किया। यहां तक कि भारत की काउंसलर एक्सेस की मांग को भी हर बार ठुकरा दिया। 

यह है पूरा मामला

बता दें कि पाकिस्तान ने पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को ईरान से जबरदस्ती अगवा कर कथित जासूसी का आरोप लगाया था। पाकिस्तानी सैन्य कोर्ट में कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई थी। भारत ने पाक सैन्य अदालत के इस फैसले पर एतराज जताते हुए आईसीजे में अपील की थी। इस पर आईसीजे ने जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी। 

विज्ञापन


हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत में मजबूती से अपना पक्ष रखते हुए भारत ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण मामला है, जिसमें एक निर्दोष की जान खतरे में है। आईसीजे में मामले की सुनवाई सोमवार से शुरू हुई थी। भारत यह उम्मीद कर रहा था कि अंतरराष्ट्रीय अदालत पाकिस्तान को वियना संधि के उल्लंघन का दोषी करार देगा और हुआ भी ऐसा ही।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें