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मोदी-पुतिन-जयललिता ने कुडनकुलम परमाणु संयंत्र का किया उद्घाटन

Wed, 10 Aug 2016 06:16 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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कुडनकुलम परमाणु संयत्र
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने बुधवार को चेन्नई के तिरुनेलवेली में कुडनकुलम परमाणु संयंत्र का उद्घाटन किया। साल 1980 में राजीव गांधी ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। सभी ने वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए इस ऐतिहासिक परमाणु संयंत्र के यूनिट-1 का उद्घाटन किया। बताया जा रहा है कि यह भारत और रूस के रिश्तों में मील का पत्थर साबित होगा।  
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नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस संयत्र से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे। दोनों देशों के इंजीनियरों के लिए भी यह खुशी का दिन है। उन्होंने उनकी सराहना करते हुए कहा कि यह क्षण उनके दिन-रात की मेहनत का ही नतीजा है। गर्व है कि यह परमाणु संयत्र देश की सबसे बड़ी पावर यूनिट है। 
  Long live India-Russia friendship-PM Modi while speaking at inauguration of Unit 1 of Kudankulam Nuclear Power Plant pic.twitter.com/YbpOAbAu03 — ANI (@ANI_news) August 10, 2016
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रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में न्यूक्लियर सेक्टर अहम है। यह परमाणु संयत्र सुरक्षित और तकनीकी रूप से काफी एडवांस है। इसके लिए सभी भारतीयों को बधाई देता हूं। दोनों देशों की दोस्ती अर्थव्यवस्था की बढ़ोत्तरी में सहायक साबित होगा।
  I look forward to meeting you (Russian President Putin) at G20 Summit in China: PM Modi pic.twitter.com/WtMCKDZGfP — ANI (@ANI_news) August 10, 2016


वहीं, तमिलनाडु की सीएम जयललिता ने कहा कि यह परमाणु संयत्र दोनों देशों के रिश्ते के और आगे ले जाएगा और मील का पत्थर साबित होगा। 
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साल 2002 में शुरू हुआ था निर्माण कार्य

नरेंद्र मोदी
कुडनकुलम परमाणु संयंत्र 13 हजार करोड़ रुपए की मदद से बना हुआ है। इसका निर्माण कार्य साल 2002 में शुरू हुआ था। इसमें छह संयंत्र हैं और इससे एक हजार वॉट बिजली बन सकेगी। यह देश का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र है।

हालांकि, इसे लेकर कई पर्यावरणविद ने कहा कि इस संयत्र से आम लोगों को काफी नुकसान होगा। मछुआरों और आस-पास के गांवों में रहने वाले लोगों के सामने आर्थिक परेशानियां आ सकती हैं। इस मुद्दे पर स्थानीय लोग लगातार विरोध करते रहे हैं।
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