बीआरएस विधायक कलवकुंतला तारक रामा राव ने अपने पत्र में लिखा, 'आपकी सरकार फॉर्मूला-ई रेस मुद्दे को लेकर कई महीनों से पिछली बीआरएस सरकार, खासकर मेरे खिलाफ कई बेबुनियाद आरोप लगा रही है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस हफ्ते आपके नेतृत्व में हुई कैबिनेट मीटिंग में भी इस विषय पर करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा हुई। इसके अलावा, मुख्यमंत्री कार्यालय से मीडिया में कई तरह की लीक हुई हैं, जिसमें इस मामले पर केस दर्ज करने का संकेत दिया गया है और दावा किया गया है कि राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। बंद कमरे में चर्चा करने के बजाय, राज्य विधानसभा में बहस के जरिए इस मामले की सच्चाई तेलंगाना के चार करोड़ लोगों के सामने आनी चाहिए।
2024 में आपकी सरकार ने रद्द की रेसिंग- केटीआर
उन्होंने अपने पत्र में आगे लिखा है, 'पिछली सरकार ने तेलंगाना राज्य और हैदराबाद शहर को लाभ पहुंचाने के नेक इरादे से फॉर्मूला-ई रेस के आयोजकों के साथ समझौता किया था। ये रेस 2023 में सफलतापूर्वक आयोजित की गई, जिसकी सभी ओर से प्रशंसा की गई। वहीं नीलसन की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस आयोजन ने राज्य की अर्थव्यवस्था में लगभग 700 करोड़ रुपये का योगदान दिया। जबकि रेस के दूसरे संस्करण की योजना 2024 के लिए बनाई गई थी, आपकी सरकार ने सत्ता में आने के तुरंत बाद इसे एकतरफा रद्द कर दिया। तब से, अपने राजनीतिक प्रतिशोध के तहत, आपकी कांग्रेस सरकार इस रेस के बारे में मीडिया के माध्यम से कई झूठ फैला रही है, जिससे जनता में अनावश्यक संदेह पैदा हो रहा है।'
'आपकी सरकार ने अपना झूठा प्रचार बंद नहीं किया'
फॉर्मूला-ई रेस समझौते को 'पूरी तरह से पारदर्शी' बताते हुए, केटीआर ने अपने पत्र में कहा, 'वास्तव में, फॉर्मूला-ई रेस समझौता पूरी तरह से पारदर्शी था, और आयोजकों को सभी भुगतान पारदर्शी तरीके से किए गए थे। मैंने पहले ही इस बारे में विस्तार से बताया है। हालांकि, आपकी सरकार ने अपना झूठा प्रचार बंद नहीं किया है।' पत्र में आगे कहा गया है, 'राज्य के लोगों को सच्चाई जानने का अधिकार है। इसलिए, मैं आपसे मांग करता हूं कि आप विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा शुरू करें। विधानसभा के मंच के माध्यम से तेलंगाना के लोगों के सामने सभी तथ्यों को विस्तार से प्रस्तुत करें। चूंकि विधानसभा सत्र चल रहा है, इसलिए आप अपनी सुविधानुसार किसी दिन इस चर्चा को निर्धारित कर सकते हैं।'
फॉर्मूला-ई रेस में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ- केटीआर
केटीआर ने पत्र में कहा है कि, 'एक बार फिर, मैं दोहराता हूं कि फॉर्मूला-ई रेस मामले में कोई अनियमितता या भ्रष्टाचार नहीं हुआ था। यह आयोजन, जिसने राज्य और हैदराबाद शहर के लिए सद्भावना लाई थी, विशुद्ध रूप से आपके राजनीतिक प्रतिशोध के कारण बलिदान हो गया। विधानसभा में एक विस्तृत चर्चा से सभी के सामने सच्चाई सामने आ जाएगी।'