भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने पूर्व मंत्री कोप्पुला ईश्वर को प्रभावशाली कोयला खनिकों के संघ, तेलंगाना बोग्गू गनी कार्मिक संघम (टीबीजीकेएस) का पार्टी प्रभारी नियुक्त किया है। इस कदम को उनकी बहन एमएलसी के. कविता को दरकिनार करने के फैसले के रूप में भी देखा जा रहा है। कविता टीबीजीकेएस की मानद अध्यक्ष रह चुकी हैं। अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए उन्होंने हाल ही में सिंगरेनी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी की हैं।
कविता से परामर्श किए बिना लिया गया फैसला
यह कदम तेलंगाना भवन में केटीआर की अध्यक्षता में हुई एक बैठक के बाद उठाया गया, जहां नेताओं ने कथित तौर पर ईश्वर के नेतृत्व में यूनियन की गतिविधियों को तेज करने पर सहमति व्यक्त की गई। संभावना जताई जा रही है कि यह फैसला कविता से परामर्श किए बिना लिया गया था।
कोप्पुला ईश्वर का सिंगरेनी कोयला मजदूरों के साथ गहरा नाता
टीबीजीकेएस के संस्थापक सदस्य कोप्पुला ईश्वर का सिंगरेनी कोयला मजदूरों के साथ गहरा नाता रहा है, क्योंकि वे पहले खदानों में काम कर चुके हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षक उनकी पदोन्नति को पार्टी और उससे जुड़े संगठनों में अपना दबदबा कायम करने के लिए केटीआर की एक सोची-समझी चाल मान रहे हैं।
सत्ता संघर्ष की अटकलों को एक बार फिर हवा मिली
इस फैसले ने केटीआर और कविता के बीच चल रहे सत्ता संघर्ष की अटकलों को एक बार फिर हवा दे दी है। जमीनी स्तर पर मिल रही रिपोर्टों से पता चलता है कि ईश्वर की नियुक्ति खास तौर पर कविता की ओर से यूनियन पर नियंत्रण के बढ़ते प्रयासों का मुकाबला करने के लिए की गई थी। कुछ टीबीजीकेएस सदस्य भी कविता के साथ जुड़ने से हिचकिचा रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि केटीआर के साथ उनके कथित मतभेदों के बीच उन्हें उनका वफादार समझा जा सकता है।
'बीआरएस आगे भी टीबीजीकेएस के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा'
केटीआर ने कथित तौर पर आश्वासन दिया है कि बीआरएस आगे भी टीबीजीकेएस के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। उन्होंने टीबीजीकेएस अध्यक्ष मिरयाला राजी रेड्डी को राज्य भर के कोयला मजदूरों को संगठित करने के लिए स्थानीय बीआरएस विधायकों, पूर्व मंत्रियों और पार्टी प्रभारियों के साथ समन्वय करने का भी निर्देश दिया है। ईश्वर के नेतृत्व में जल्द ही कोयला क्षेत्र में एक बड़ी सभा आयोजित की जा सकती है।