केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज पर कन्नूर में कथित हमले के एक दिन बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। हमले में घायल होने की शिकायत के बाद मंत्री को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सत्तारूढ़ सीपीआई(एम) ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कांग्रेस नेतृत्व वाले विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बताया गया कि यह घटना बुधवार दोपहर करीब 3:20 बजे कन्नूर रेलवे स्टेशन पर उस समय हुई, जब वीना जॉर्ज वंदे भारत ट्रेन से तिरुवनंतपुरम लौटने के लिए पहुंची थीं। इसी दौरान कांग्रेस की छात्र इकाई केरल स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) द्वारा उनके इस्तीफे की मांग को लेकर काले झंडे को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। घटना के बाद मंत्री को पहले कन्नूर जिला अस्पताल और बाद में गर्दन व हाथ में दर्द की शिकायत पर सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, परियारम में भर्ती कराया गया।
घटना के समय रेलवे स्टेशन पर मौजूद राज्य विधानसभा अध्यक्ष ए.एन. शमसीर ने पत्रकारों को बताया कि मंत्री के हाथ और गर्दन में चोटें आई हैं। समाचार चैनलों द्वारा प्रसारित दृश्यों में मंत्री, पुलिसकर्मियों के साथ, प्रदर्शनकारियों के बीच फंसी हुई दिखाई दीं।
वहीं, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) अध्यक्ष सनी जोसेफ ने हमले के आरोपों को खारिज करते हुए इसे ड्रामा बताया और कहा कि वीडियो में किसी तरह का हमला या चोट का स्पष्ट सबूत नहीं है।
इस घटना के बाद सत्तारूढ़ वाम मोर्चा (LDF) और कांग्रेस के बीच तनाव और बढ़ गया है। एलडीएफ कार्यकर्ताओं ने अदूर में यूथ कांग्रेस के झंडे के खंभे तोड़ दिए और विपक्ष के विरोध मार्च से जुड़े पोस्टर फाड़ दिए। दूसरी ओर, एसएफआई और डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सीपीएम राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने इसे संगठित और पूर्व नियोजित हमला बताते हुए राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। इस बीच, कन्नूर टाउन पुलिस ने कांग्रेस की केरल छात्र संघ (केएसयू) के पांच सदस्यों पर मंत्री वीना जॉर्ज पर कथित हमले के संबंध में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। जिन लोगों पर मामला दर्ज किया गया है उनमें रेलवे स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले केएसयू कन्नूर जिला अध्यक्ष एमसी अतुल, केएसयू जिला कोषाध्यक्ष अक्षय मटुल और केएसयू नेता सीएच मुबाज, बिथुल बालन और मोहम्मद यासीन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि कुछ लोग राज्य को टकराव के क्षेत्र में बदलने की कोशिश कर रहे हैं और शांति बनाए रखना जरूरी है, खासकर ऐसे समय में जब केरल इस वर्ष विधानसभा चुनाव की ओर बढ़ रहा है।