आईआईटी-जेईई की मुख्य परीक्षा पास करने वाली छात्रा कृति ने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट में लिखा कि सरकार को कोचिंग संस्थान बंद करवा देने चाहिए। गाजियाबाद की 17 वर्षीय कृति ने 28 अप्रैल को पांचवीं मंजिल से कूद कर अपनी जान दे दी थी।
मालूम हो कि कोटा में इस साल अब तक नौ छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। अपने चार पृष्ठ लंबे सुसाइड नोट में कृति ने एक वैज्ञानिक के तौर पर नासा जाने की इच्छा जाहिर की है। उसने बताया है कि इंजीनियरिंग में उसकी रुचि नहीं है। सुसाइड नोट पुलिस द्वारा जारी किया गया है। कृति अपने माता-पिता के साथ दो साल से अधिक समय से कोटा में रह रही थी और शहर के एक संस्थान से आईआईटी-जेईई की कोचिंग ले रही थी। मंगलवार को जवाहरनगर थाने के एसएचओ हरीश भारती ने बताया कि सुसाइड नोट के अनुसार, वह कोचिंग लेते समय अवसाद और तनाव का अनुभव कर रही थी।
सुसाइड नोट में कृति ने कहा है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय को कोचिंग संस्थानों को बंद कर देना चाहिए। उसकी शिकायत थी कि ये केंद्र विद्यार्थियों को असहनीय तनाव और अवसाद से पीड़ित कर देते हैं। भारती ने कहा कि कृति को नासा से एक पुरस्कार भी मिला था और पर इस अंतरिक्ष एजेंसी में वैज्ञानिक बनना चाहती थी।
अपने सुसाइड नोट में उसने अपने परिवार के सदस्यों के प्रति गहरे प्यार और लगाव का इजहार किया है। सोमवार को बीए प्रथम वर्ष की छात्रा प्रीति सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। उसने शिवपुरा स्थित अपने घर में 7 मई को आत्महत्या की कोशिश की थी। पढ़ाई के तनाव के कारण उसने कथित तौर पर सीलिंग फैन से लटक कर आत्महत्या का प्रयास किया था। उसका शव परिवार के सदस्यों के सुपुर्द कर दिया गया है।