Konda Vishweshwar Reddy meets rahul gandhi
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चुनाव से ठीक पहले तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के नेता और चेवेला से सांसद कोंडा विशेश्वर रेड्डी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। बुधवार को उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की है। चुनाव से ठीक पहले रेड्डी का इस्तीफा पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
कोंडा ने इस्तीफे से पहले पार्टी मुखिया को तीन पन्नों का एक लिखा जिसमें उन्होंने पार्टी से जुड़ी कई शिकायतें भी लिखी हैं। बता दें कि विशेश्वर के पार्टी छोड़े जाने का कयास कई हफ्तों से लगाया जा रहा था।
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यकारी अध्यक्ष रेवंत रेड्डी ने कुछ दिनों पहले ही कहा था कि कोंडा विशेश्वर रेड्डी और उनके साथ अन्य एक सांसद भी कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं।
बता दें कि तेलंगाना में 7 दिसंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। के विशेश्वर रेड्डी तेलंगाना के सबसे अमीर सांसद हैं। उन्होंने अपनी 500 करोड़ की संपत्ति का खुलासा किया है। उनके इस्तीफे से माना जा रहा है कि के चंद्रशेखर राव और तेलंगाना राष्ट्र समिति को गहरा धक्का लगा है। क्योंकि राव दूसरी बार सत्ता हांसिल करने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।
विशेश्वर रेड्डी तेलंगाना में उस रेड्डी समुदाय से आते हैं, जहां इस समुदाय की राजनीतिक हैसियत काफी अच्छी है। अब जब रेड्डी ने राहुल गांधी से हाथ मिला लिया है ऐसे में अब यह माना जाने लगा है कि उनके इस मिलने का असर विधानसभा चुनाव में टीसीआर पर सीधा पड़ेगा।
रेड्डी ने साल 2013 में तेलंगाना राष्ट्र समिति का दामन थामा था। वह पेशे से इंजीनियर हैं जहां से उन्होंने राजनीति में कदम रखा और राजनीतिज्ञ बने। उनके दादा कोंडा वेंकटा रंगा रेड्डी एक स्वतंत्रता सेनानी थे, जो बाद में आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बने। फिलहाल, 117 विधानसभा सीटों की कुल संख्या में से टीआरएस पार्टी के पास 63 सीटें हैं जबकि कांग्रेस के पास 22 और बीजेपी के पास 9 सीटें हैं।